Community police formed bridge to meet children at Sonpur fair - सोनपुर मेले में खोये बच्चों के मिलन का सेतु बनी कम्युनिटी पुलिस DA Image

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सोनपुर मेले में खोये बच्चों के मिलन का सेतु बनी कम्युनिटी पुलिस

कार्तिक पूर्णिमा की रात सोनपुर मेला घूमने आये बेगूसराय की दंपती का चार साल का बच्चा खो जाता है। वे मेले में स्थित कम्युनिटी पुलिस कैम्प में जाते हैं। इस सामुदायिक पुलिस टीम के स्वयंसेवक दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उस बच्चे को ढूंढ़ लेते हैं। बच्चे के मिल जाने के बाद यह दंपती इन युवकों को दुआएं देते नहीं थक रहे। 

मेले में पिछले तीन दिनों में सामुदायिक पुलिस के ये स्वयंसेवक लगभग 24 खोये बच्चों को ढूंढ़ उनके परिजनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर चुके हैं। पिछले साल मेले में इन स्वयंसेवकों ने 3,234 खोये बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलवाया था। कितनों को ठगी से बचाया था और कइयों को रात में ठहरने का ठौर उपलब्ध कराया था। बगैर वेतन एक माह तक मेले में अपनी सेवा देने वाले इन स्वयंसेवकों से जो भी मिलता है, उनके व्यवहार का कायल बन जाता है। इस वर्ष के मेले में 451 स्वयंसेवक काम कर रहे हैं, जिनमें 65 युवतियां भी हैं।

प्राणतोष दास ने 2008 में किया था गठन : मेले में कम्युनिटी पुलिस का गठन तत्कालीन डीएसपी प्राणतोष दास ने 2008 में किया था। तब मेले की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति खस्ता हाल थी। इन स्वयंसेवकों ने मेले की सुरक्षा की कमान संभाली तो बहुत कुछ सुधर गया। सामुदायिक पुलिस के स्वयंसेवकों की भर्ती की तैयारी दशहरा के वक्त ही श्ुारू हो जाती है। सोनपुर अनुमंडल प्रशासन फॉर्म निकालता है, जिसे स्थानीय इच्छुक युवक-युवतियां भर कर जमा करते हैं। फिर उनके फॉर्म का विेरफिकेशन किया जाता है और उन्हें प्रमाण-पत्र सौंपा जाता है। मेला के पहले उन्हें ट्रेनिंग देकर काम करने के तरीके बताये जाते हैं। मेला क्षेत्र को 18 भागों में बांटकर ये स्वयंसेवक चार शिफ्ट में काम करते हैं।

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  • Web Title:Community police formed bridge to meet children at Sonpur fair