30 दिन में नहीं हुआ समाधान तो अफसर होंगे सस्पेंड- मुख्यमंत्री
सीएम सम्राट चौधरी ने जन सहयोग शिविर में अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का 30 दिनों में समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें निलंबित किया जाएगा। उन्होंने भूमि विवादों को लेकर सख्ती दिखाई और कहा कि पंचायत स्तर पर ही समस्याओं का समाधान होना चाहिए।

30 दिन में नहीं हुआ समाधान तो अफसर होंगे सस्पेंड- मुख्यमंत्री छपरा। सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सोनपुर की डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित जन सहयोग शिविर का उद्घाटन करने के साथ “सहयोग पोर्टल” लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को अब किसी भी कीमत पर लंबित नहीं रखा जाएगा। खासकर जमीन और भूमि विवाद से जुड़े मामलों का 30 दिनों के भीतर समाधान करना अनिवार्य होगा। तय समय के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करना है, ताकि आम जनता को बार-बार सरकारी दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को सहायता राशि, स्वीकृति पत्र और प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए। सात भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा सौंपा गया।
भूमि विवाद के मामलों में अब बहाना नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सारण जिले में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद से संबंधित सामने आ रहे हैं। कई मामलों में अधिकारी यह कहकर कार्रवाई टाल देते हैं कि मामला न्यायालय में लंबित है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अब यह बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय में मामला लंबित रहने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर जो भी कार्रवाई संभव हो, उसे तेजी से किया जाए और लोगों को राहत पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि वर्षों से चले आ रहे विवादों का समाधान समयबद्ध तरीके से हो। यदि कोई अधिकारी 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं करेगा तो उसके खिलाफ निलंबन सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की परेशानी को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
डुमरी बुजुर्ग पंचायत के 54 आवेदनों का हुआ निष्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि डुमरी बुजुर्ग पंचायत से प्राप्त 54 आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा निष्पादन कर दिया गया है। उन्होंने इसे प्रशासनिक तत्परता और जवाबदेही का उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही किया जाए। शिविर में राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। लाभुकों को मौके पर ही सहायता राशि और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे शिविर केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार की पंचायतों में इस तरह के सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे।
सोनपुर को गोद लेने का वादा पूरा किया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने सोनपुर की जनता से वादा किया था कि यदि यहां की जनता विधायक विनय सिंह को विजयी बनाती है तो वह सोनपुर को “गोद” लेंगे। अब सरकार उस वादे को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि सोनपुर के विकास के लिए कॉरिडोर और टाउनशिप परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया जा चुका है। क्षेत्र में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों से सोनपुर की तस्वीर बदल जाएगी और यहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि धरातल पर योजनाओं को उतारने का काम भी तेजी से कर रही है।
टाउनशिप के लिए जमीन देने वालों को मिलेगा चार गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने टाउनशिप परियोजना को लेकर लोगों की आशंकाओं को भी दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की जमीन इस परियोजना में आएगी, उन्हें बाजार मूल्य से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाएगा। किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई परिवार अपनी बेटियों की शादी और भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे परिवार यदि आर्थिक परेशानी में हैं तो वे जिला पदाधिकारी को आवेदन दे सकते हैं। सरकार नियम के अनुसार उनकी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ लोगों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रख रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे विकास कार्यों में सहयोग करें, क्योंकि उद्योग और परियोजनाएं लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिन प्रखंडों में अब तक डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां भी जल्द कॉलेज खोले जाएंगे। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी। (डुमरी बुजुर्ग से अरविंद अनुज)
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Jitendra Kumar Pandeyशॉर्ट बायो: जितेंद्र कुमार पांडेय पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के छपरा जिला ब्यूरो टीम से जुड़कर शिक्षा, कृषि बीट में रिपोर्टिंग करते हैं। नियमित तौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रिपोर्टिंग करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
जितेंद्र ने सारण जिले के दाउदपुर से 2008 में रिपोर्टिंग की शुरुआत की। 2015 में छपरा जिला मुख्यालय में हिन्दुस्तान की ब्यूरो टीम का हिस्सा बने। प्रिंट के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अपने कॅरियर की शुरुआत 2008 में हिन्दुस्तान अखबार से की। यहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में जिला मुख्यालय में प्रिंट और डिजिटल में कदम रखा।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएमसी मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं। राष्ट्रीय स्तर की चार पांच खबरें एक्सक्लूसिव के तौर पर ब्रेक किया। इसके बाद राष्ट्रीय चैनलों ने भी उस खबर को उठाया।
विशेषज्ञता
खबरों में तथ्य उद्भेदन
एक्सक्लूसिव, शिक्षा
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