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श्रमिकों की कार्यावधि को आठ घंटे लागू करे केंद्र सरकार

गाइडलाइन लाइन का पालन करते हुए भगत सिंह रोजगार गारंटी योजना व नए श्रम कानून को वापस करने की मांग की है । कोविड गाइडलाइन को अमल करते हुए हस्तलिखित कार्ड बोर्ड के माध्यम से वर्तमान केन्द्र सरकार से...

श्रमिकों की कार्यावधि को आठ घंटे लागू करे केंद्र सरकार
हिन्दुस्तान टीम,छपराSun, 02 May 2021 07:00 PM
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भगत सिंह रोजगार गारंटी योजना लागू करने की उठाई आवाज

जिले में मजदूर दिवस मनाया गया

एक संवाददाता

छपरा । जिले में विभिन्न संगठनों की ओर से मजदूर दिवस मनाया गय। एआईएसएफ जिला परिषद इकाई ने शहर के साधना पुरी मोहल्ले में कोविड 19 गाइडलाइन लाइन का पालन करते हुए भगत सिंह रोजगार गारंटी योजना व नए श्रम कानून को वापस करने की मांग की है । कोविड गाइडलाइन को अमल करते हुए हस्तलिखित कार्ड बोर्ड के माध्यम से वर्तमान केन्द्र सरकार से लोगों ने उत्साह पूर्वक मांग की । जिला सचिव अमित नयन ने कहा कि भगत सिंह के सपने को तभी साकार किया जा सकता है जब रोजगार गारंटी कानून को पूरे देश में लागू किया जाय। साथ ही योग्यता अनुसार सभी को सम्मानजनक रोजगार की गारंटी केंद्र सरकार मुहैया कराये । संगठन के रोहन कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार देश के कामगारों को बधुंआ मजदूर बना दिया है , सरकार के द्वारा उन्हें शीघ्र ही 8 घंटे काम करने की इजाजत दी जाए। कार्यक्त्रम में रौनक कुमार, रोहन कुमार, राहुल कुमार, समर्थ कृष्ण प्रत्यूष आनंद, इकबाल व अन्य उपस्थित थे। बीएसएसआर यूनियन की छपरा इकाई ने कार्यालय परिसर में शनिवार को मज़दूर दिवस मनाया। यूनियन कार्यालय पर यूनियन के अध्यक्ष रमण कुमार ने झंडोतोलन किया। यूनियन के जिला सचिव मृत्युंजय कुमार ओझा ने आज की परिस्थितियों एवं मज़दूरों की दुर्दशा पर विचार रखा व कहा कि यह एक ऐसा दिवस है, जो हमें हर संकट की घडी़ में तन कर खडे़ रहने तथा मुकाबला करने के लिये हौसला और ताकत देता है। आज न केवल शिकागो के शहीदों को स्मरण करने , उनकी शहादत को सम्मान देने ,उनसे प्रेरणा हासिल करने का समय है बल्कि उन तमाम करोड़ों मजदूरों के श्रम और बलिदान को भी सलाम करने का दिन है, जिनकी बदौलत एक बेहतर, उन्नत ,सभ्य और विकासमयी जिन्दगी हमें नसीब हुआ है। ये बात दूसरी है कि आज मानवता के दुशमन- पूँजीखोरों ने इन्सान को नरक के मुहाने तक धकेल दिया है । आज मई दिवस की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गयी है, जब हमारा शासक वर्ग आपदा में अवसर की तलाश कर रहा है। अवसर मजदूर हित का नहीं। अवसर किसान-मजदूरों के शोषण का। पिछली कोरोना आपदा काल में श्रम कानूनों में संशोधन कर 12 घंटा श्रम कानून बना डाला।आज भारत फिर एक बार पिछले वर्ष से कई गुणा अधिक वायरस के चपेट में है।आक्सीजन का सर्वथा अभाव है। मरने वालों की संख्या पहले से कई गुणा ज्यादा है।कल कारखाने बन्द होने के चलते एक बार फिर रोजगार खत्म होने लगें हैं। भूखमरी मजदूरों के सामने मुँह बाए खडी़ होना शुरु हो गयी है। हजारों की संख्या में रोज पलायन भी हो रहा है। इस सभा को प्रमोद कुमार, राकेश कुमार, सुभाष मित्रा, राजेश कुमार, ललित कुमार, बिजय श्रीवास्तव, अजय कुमार, अमरनाथ मुखर्जी,मनोज कुमार सिंह, नितेश कुमार,विकाश तिवारी,सुमित कुमार, प्रवीण कुमार आदि ने भी संबोधित किया।