Chapra News: मढ़ौरा की जगह तरैया में नई चीनी मिल लगाने की तैयारी, सरकार के पत्र से उठे सवाल
Chapra News: गन्ना उद्योग विभाग ने मढ़ौरा की ऐतिहासिक चीनी मिल को पुनर्जीवित करने की बजाय तरैया अंचल में नई चीनी मिल स्थापित करने के लिए भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव दिया है। 118.28 एकड़ भूमि में से 73.78 एकड़ भूमि नई मिल के लिए उपयुक्त मानी गई है। स्थानीय लोगों में मढ़ौरा की प्राथमिकता को लेकर असंतोष बढ़ सकता है।

Chapra News: गन्ना उद्योग विभाग ने तरैया अंचल की भूमि हस्तांतरण का मांगा प्रस्ताव चयनित भूमि के पास अतिरिक्त 26 एकड़ भूमि चिह्नित करने का भी दिया निर्देश फोटो- 9- खंडहर में तब्दील मढ़ौरा चीनी मिल की तस्वीर पेज चार की बॉटम मढ़ौरा, एक संवाददाता।सारण जिले में वर्षों से बंद पड़ी ऐतिहासिक मढ़ौरा चीनी मिल को फिर से चालू किए जाने की उम्मीदों के बीच बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के एक पत्र ने नए स्थल तरैया का उल्लेख कर एक अलग चर्चा शुरू कर दिया है।
गन्ना उद्योग विभाग का पत्र
विभाग द्वारा 16 जुलाई 2026 को जारी पत्र में नई चीनी मिल की स्थापना के लिए मढ़ौरा की बजाय तरैया अंचल की भूमि को प्राथमिकता देते हुए उसके हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है। गन्ना उद्योग विभाग के सचिव द्वारा सारण के जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विभाग को उपलब्ध कराई गई भूमि विवरणी के अनुसार तरैया अंचल में सीलिंग एक्ट के तहत अर्जित 118.28 एकड़ भूमि में से 73.78 एकड़ भूमि नई चीनी मिल की स्थापना के लिए उपयुक्त पाई गई है। विभाग ने इस भूमि की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य सरकार के 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत 'समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार' योजना के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से पुनर्जीवित करने और नई चीनी मिलों की स्थापना का निर्णय लिया गया है, जिसमें सारण जिला भी शामिल है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
इसी पत्र में यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि चयनित भूमि के आसपास अतिरिक्त 26 एकड़ भूमि उपलब्ध हो सकती है तो उसे भी चिह्नित कर विभाग को सूचित किया जाए। इससे संकेत मिलता है कि सरकार फिलहाल नई चीनी मिल की स्थापना के लिए मढ़ौरा की अपेक्षा तरैया की भूमि को अधिक उपयुक्त मान रही है। सरकारी पत्र सामने आने के बाद मढ़ौरा क्षेत्र में नई बहस शुरू हो गई है। वर्षों से बंद पड़ी मढ़ौरा चीनी मिल के पुनरुद्धार और इसी परिसर में आधुनिक चीनी मिल स्थापित करने की मांग लगातार उठती रही है। ऐसे में तरैया में नई मिल लगाने के प्रस्ताव से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच असंतोष की संभावना बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि मढ़ौरा में पहले से चीनी उद्योग का आधारभूत ढांचा, ऐतिहासिक पहचान व किसानों का जुड़ाव मौजूद है। इसलिए नई चीनी मिल की स्थापना में प्राथमिकता मढ़ौरा को मिलनी चाहिए। अब सबकी नजर जिला प्रशासन की रिपोर्ट और राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। इससे यह स्पष्ट होगा कि सारण जिले की नई चीनी मिल मढ़ौरा में स्थापित होगी या तरैया में。


