
एनडीए की सरकार बनने से सत्ता पक्ष में उत्साह तो विपक्षी खेमे में मायूसी
बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने से भाजपा, जदयू और लोजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जबकि महागठबंधन में मायूसी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगातार 20 साल तक मुख्यमंत्री पद संभाला है। कई कार्यकर्ताओं ने बिहार में विकास की उम्मीद जताई है।
छपरा, एक संवाददाता। बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने से भाजपा, जदयू, लोजपा रा, रालोमो व हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है तो वहीं महागठबंधन खेमे में मायूसी छाई हुई है। जिला मुख्यालय के एनडीए कार्यकर्ताओं ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की ऊंचाईयों को छुएगा। कई कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा है कि सारण की सात सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की है। ऐसे में यहां के प्रतिनिधियों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहिए। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह विकल ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने बिहार में विकास किया है।
इसी का परिणाम है कि बिहार के लोगों ने एनडीए गठबंधन पर फिर एक बार भरोसा जताया है। भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो विकास की लकीर खींची है।उसको अब पूरा होने में समय नहीं लगेगा। महामंत्री धर्मेन्द्र साह ने कहा कि सबको भ्रम नहीं रहना चाहिए। यह मोदी-नीतीश की हिट जोड़ी ने बिहार की सियासत में नई बुनियाद गढ़ी है। एनडीए की मजबूती नहीं बल्कि मजबूरी का हुआ शपथ ग्रहण समारोह : कांग्रेस छपरा, एक संवाददाता। सारण कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी के प्रदेश प्रतिनिधि डॉ शंकर चौधरी ने कहा है कि यह एनडीए की मजबूती नहीं मजबूरी का शपथ ग्रहण हुआ है । भाजपा और जदयू में अंदरूनी जंग अभी भी जारी है। बिहार में जो चुनाव हुए हैं उसमें बड़े पैमाने पर ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ कर मनचाहा रिजल्ट लाया गया है। महा गठबंधन को इतना कमजोर किया गया है कि नीतीश कुमार चाह के भी महागठबंधन में नहीं जा सकते। एक तरह से नीतीश कुमार पर यह नकेल कसा गया है । भाजपा का इतिहास रहा है कि वह अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर पहले सरकार बनाती है। फिर सहयोगी दलों को तोड़कर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार स्थापित करती है। मनोज पांडेय ने कहा कि भाजपा का एजेंडा साफ है। वह जहां जिस राज्य में उसकी सरकार नहीं है वहां क्षेत्रीय दलों से संपर्क स्थापित करना उनको विश्वास में लेना फिर उनकी पार्टी को बर्बाद कर देना ही एक मात्र लक्ष्य है । इस तरह के काम को भाजपा कई राज्यों में अंजाम दे चुकी है । इनसेट शपथ ग्रहण समारोह को सारण के लोगों ने बनाया यादगार छपरा, एक संवाददाता। एनडीए के पटना स्थित गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को सारण के सैकड़ों लोगों ने गुरुवार को यादगार बनाया। 10 वीं बार नीतीश कुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की गुरुवार को शपथ ली। भाजपा जिला अध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह,अशोक कुमार सिंह, वेद प्रकाश उपाध्याय , धर्मेंद्र कुमार साह, विवेक कुमार सिंह, प्रकाश रंजन नीकू, शांतनु कुमार, अर्धेंदु शेखर, बलवंत सिंह समेत कई पार्टी के पदाधिकारियों ने कहा कि एनडीए सरकार बिहार में एक बार फिर जनता के भरोसे पर खरा उतरेगी व अधूरे कार्यों को पूरा करने की गति को तेज करेगी। बिहार में अब चौतरफा विकास होगा । अकलियतों के रहनुमा हैं नीतीश कुमार छपरा, एक संवाददाता। बिहार के मुख्यमंत्री बनने में नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड कायम किया है। वे लगातार 20 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। 10 वीं बार भी उन्होंने गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बिहार के मुख्यमंत्री बनने पर हर्ष जताते हुए जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव डॉ शफ़क बानो ने कहा है कि नीतीश कुमार अकलियतों के सच्चे हिमायती और रहनुमा हैं। उनके शासन में अल्पसंख्यक समाज काफी सुरक्षित महसूस करता है।

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