सहयोग शिविर :मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज आयेंगे सारण
सारण जिले के सोनपुर अनुमंडल अंतर्गत डुमरी बुजुर्ग पंचायत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सहयोग शिविर का शुभारंभ किया जाएगा। जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कार्यक्रम में लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और मुख्यमंत्री विकास कार्यों की प्रगति पर अपडेट जानकारी भी लेंगे।

सारण जिले के सोनपुर अनुमंडल अंतर्गत डुमरी बुजुर्ग पंचायत में होगा आगमन, व्यापक तैयारियां शुरू सारण आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज जिला पदाधिकारी के स्तर पर अधिकारियों की हुई प्रतिनियुक्ति पेज तीन की लीड छपरा, नगर प्रतिनिधि। बिहार सरकार की सबका सम्मान, जीवन आसान और प्रशासन आपके द्वार पहल के तहत मंगलवार से शुरू सहयोग शिविर का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां
मुख्यमंत्री के सोनपुर अनुमंडल अंतर्गत डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी है। सारण के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं मौजूद रहेंगे। सोमवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव पूरे दिन अधिकारियों के संग डुमरी बुजुर्ग में ही कैम्प करते रहे। कार्यक्रम को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करते हुए विस्तृत आदेश जारी किया है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, मंच संचालन, साफ-सफाई, यातायात, पेयजल, पार्किंगऔर विधि-व्यवस्था तक की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई है।जारी आदेश के अनुसार मंच की तैयारी व संचालन की जिम्मेदारी भूमि सुधार उप समाहर्ता सोनपुर राधेश्याम कुमार मिश्रा व अभियंता महमद जाकिर हुसैन को दी गई है। वहीं कार्यक्रम स्थल पर डायस की व्यवस्था और आगंतुक महानुभावों के बैठने की समुचित व्यवस्था के लिए अपर समाहर्ता विभागीय जांच शिव कुमार पंडित को वरीय पदाधिकारी बनाया गया है। परिसर व कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर परिषद सोनपुर के कार्यपालक पदाधिकारी शक्ति कुमार को सौंपी गई है। कार्यक्रम स्थल की बैरिकेडिंग का दायित्व भवन प्रमंडल छपरा के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार को दिया गया है, जबकि उपयुक्त स्थलों पर वाशरूम आदि की व्यवस्था के लिए भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है।वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला परिवहन पदाधिकारी लतीफुर रहमान को दी गई है। वहीं ग्रीन रूम की तैयारी के लिए अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सोनपुर नूरी परवीन को वरीय पदाधिकारी बनाया गया है। अतिथियों के सत्कार, जलपान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रबन्धक राज्य खाद्य निगम दीपक कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रम के दौरान नवाचार व विधि-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए विधि व्यवस्था शाखा के प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय को प्रतिनियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यों का नियमित अनुश्रवण करें और सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराएं। पूरे कार्यक्रम के पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के लिए उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी को महती जिम्मेदारी दी गयी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे में लगातार बैठकें और निरीक्षण जारी हैं, वहीं क्षेत्र में भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ
सहयोग कार्यक्रम के दौरान डुमरी बुजुर्ग पंचायत के लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं की स्थिति और प्रशासनिक चुनौतियों पर विस्तार से अपडेट जानकारी भी लेंगे। मुख्यमंत्री का फोकस रहेगा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखे। शिकायतो का ऑन द स्पॉट निदान पर भी सीएम का जोर है।
मुख्यमंत्री का सड़क मार्ग से आगमन
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सारण में सड़क मार्ग से आएंगे। मुख्यमंत्री को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा के साथ ही एडवांस सिक्योरिटी लाइसन की सुविधा प्राप्त है। डीएम और एसपी के संयुक्त आदेश के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था फुलप्रूफ रखी गई है। सारण जिला उग्रवाद और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थलों और परिभ्रमण मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और विशेष सुरक्षा दस्ते तैनात किए गए हैं।
कार्यक्रम स्थल पर अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित
कार्यक्रम स्थल पर अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर बैरिकेडिंग की गई है और आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापक निगरानी रखी जा रही है। छपरा सदर अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है। कार्यक्रम स्थल पर चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी मौजूद रहेगी।
सीमा सील, खुफिया एजेंसियां अलर्ट
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर बिहार-यूपी सीमा सील कर दी गई है। माझी जयप्रभा सेतु पर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जा रही है और होटलों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया है। खुफिया विभाग और स्पेशल ब्रांच के अधिकारी कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी तैनात हैं। राज्य मुख्यालय और केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय बना हुआ है।
सजे-संवरे कार्यक्रम स्थल, उत्साह का माहौल
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर डुमरी बुजुर्ग स्थित कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया-संवारा गया है। विशाल पंडाल बनाया जा रहा है। फूलों की सजावट, प्रकाश व्यवस्था और पंडाल निर्माण को अंतिम रूप दे दिया गया है। सोमवार को पूरे दिन तैयारियों का सिलसिला चलता रहा। डुमरी बुजर्ग के अलावा आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और उम्मीद का माहौल है।
सहयोग शिविर का आयोजन
आज जिले के सभी प्रखंडों में लगेगा सहयोग शिविर जिले की 40 पंचायतों का सहयोग शिविर के लिये चयन प्रखंडवार वरीय प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति छपरा, नगर प्रतिनिधि। जिले के सभी 20 प्रखंडों में लोगों की समस्यायों के निराकरण को ले मंगलवार को 40 पंचायतो में सहयोग शिविर लगेगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की मॉनिटरिंग सोमवार को जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के स्तर पर होती रही। शिविर की सफलता के लिए जिला प्रशासन के सभी वरीय पदाधिकारी अपने -अपने प्रखंडों में पूरे दिन डटे रहे। शिविर में आम लोगों के आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। शिविरों के सफल संचालन, निगरानी और समन्वय के लिए जिला प्रशासन ने प्रखंडवार वरीय प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति पहले ही की है। अधिकारियों को शिविर स्थल पर उपस्थित रहकर आवेदन प्राप्ति, अनुश्रवण और व्यवस्था संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि आम नागरिकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।
सहयोग शिविर का संचालन
सुबह 10 बजे से संचालित होंगे सहयोग शिविर डीएम के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी शिविर निर्धारित स्थल पर सुबह 10 बजे से संचालित होंगे। संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को शिविर संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। शिविर में प्राप्त आवेदनों की दो प्रतियां तैयार की जाएंगी, जिसमें एक प्रति आवेदक को प्राप्ति रसीद के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। आवेदन पंजी में आवेदन प्राप्ति की तिथि, समय तथासम्बंधित कर्मी के हस्ताक्षर दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने भी डीएम को भेजा है पत्र सूबे के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी डीएम को पत्र भेजा है। इसमें सहयोग पोर्टल पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों का प्रभावी समाधान के उद्देश्य से उसका वर्गीकरण, निवारण, निवारण में विलंब आदि के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। इस विश्लेषण में जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
निष्पादन में संतोषजनक काम नहीं पर कार्रवाई तय
मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि सहयोग शिविर की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी से अलग हटकर कोई दूसरे पदाधिकारी कर रहे हैं, तो शिविर की समाप्ति के बाद जिला पदाधिकारी को एक संक्षिप्त प्रतिवेदन भेजेंगे जिसमें आवेदकों-वादों के निष्पादन में संतोषजनक काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों की भी जानकारी दी जाएगी। इसी जानकारी के आधार पर संबंधित के खिलाफ आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सामान्य प्रश्न
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