भीषण गर्मी में भी नौकरी की आस, लिपिक परीक्षा में सिर्फ 39 फीसदी अभ्यर्थी शामिल
बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा में अधिनायक लिपिक के पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा 26 केंद्रों पर आयोजित की गई। 12,764 में से केवल 4,958 अभ्यर्थी आए। कई ने प्रश्नपत्र को कठिन बताया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई, लेकिन गर्मी ने अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी।

मैथ और करंट अफेयर्स ने अभ्यर्थियों की बढ़ाई मुश्किलें जैमर और सघन जांच के बीच संपन्न हुई परीक्षा न्यूमेरिक 01 पाली में ली गयी परीक्षा फोटो --- शहर के राजेन्द्र कॉलेजिएट परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के पहले परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र की जांच करते प्राचार्य सह सीएस महेश प्रसाद चौरसिया ,वीक्षक विनोद कुमार व अन्य छपरा, नगर प्रतिनिधि। बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा में अधिनायक लिपिक के पदों पर नियुक्ति के लिए बुधवार को आयोजित लिखित परीक्षा भीषण गर्मी और उमस के बीच शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न हुई।
परीक्षा केंद्रों पर स्थिति
जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 12,764 अभ्यर्थियों के लिए सीटिंग व्यवस्था की गई थी, लेकिन तेज धूप और उमस के बीच केवल 4,958 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। 7,806 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार कुल अभ्यर्थियों में लगभग 39 प्रतिशत ने ही परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को मिश्रित स्तर का बताया।
प्रश्नपत्र की कठिनाई
अधिकांश अभ्यर्थियों के अनुसार गणित और करंट अफेयर्स के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन रहे, जबकि विज्ञान और सामान्य ज्ञान के कई प्रश्न सामान्य स्तर के थे। कुछ परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित बताया तो कुछ ने कहा कि करंट अफेयर्स और रिजनिंग के प्रश्नों ने उन्हें काफी उलझाया।पड़ोसी जिला सीवान से परीक्षा देने आई मोनिका ने बताया कि शुरुआत में विज्ञान के कुछ प्रश्न चुनौतीपूर्ण लग रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे सभी प्रश्नों के उत्तर देती चली गई। उन्होंने बताया कि दो घंटे का प्रश्नपत्र लगभग डेढ़ घंटे में हल कर लिया था। परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने के बाद कहीं भी पेपर लीक या किसी तरह की अनियमितता की चर्चा सुनने को नहीं मिली, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता पर भरोसा बढ़ा है।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाएँ
पश्चिमी चंपारण से आए गौरव कुमार ने कहा कि रिजनिंग के प्रश्न उनकी अपेक्षा से अलग थे। जिस प्रकार की तैयारी करके वह आए थे, प्रश्न उससे भिन्न थे। हालांकि गणित के प्रश्नों ने उन्हें राहत दी और उन्हें सफलता की पूरी उम्मीद है। वहीं सीवान की मंजू ने बताया कि गणित के कुछ सवालों में अपेक्षाकृत अधिक समय लगा, लेकिन अधिकांश प्रश्न आसानी से हल हो गए। उन्होंने एक घंटे के भीतर पूरा प्रश्नपत्र हल कर लिया था, हालांकि परीक्षा नियमों के कारण निर्धारित समय तक केंद्र में ही रुकना पड़ा। अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े कई रोचक प्रश्न पूछे गए थे। इनमें भूटान की राजधानी, आनुवंशिकी के जनक, ओजोन संरक्षण दिवस, शेरशाह को शेर खान की उपाधि किसने दी तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम जैसे प्रश्न शामिल थे। करंट अफेयर्स के कुछ प्रश्नों को लेकर अभ्यर्थियों ने कहा कि वे अपेक्षाकृत कठिन थे, जिससे काफी समय खर्च हुआ।
प्रवेश की प्रक्रिया
कई केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की भीड़ देखने को मिली। निर्धारित समय के बाद नहीं मिला प्रवेश परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को एक घंटे का प्रवेश समय दिया गया था। सुबह 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुनिश्चित किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके तहत 9:30 बजे के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश से रोक दिया गया।
जाम और यातायात
कई स्थानों पर जाम की स्थिति परीक्षा समाप्त होने के बाद शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, नगरपालिका चौक, भगवान बाजार और गुदरी बाजार क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एक साथ बाहर निकलने के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। बसों और ऑटो में सीट पाने के लिए अभ्यर्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
सुरक्षा इंतजाम
नियंत्रण कक्ष से निगरानी परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक निगरानी व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे थे। सघन जॉच के बाद प्रवेश परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, बैग और अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर आने वालों को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र और आवश्यक दस्तावेज ही साथ ले जाने की अनुमति थी। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रही और सुरक्षा के मद्देनजर जैमर भी लगाए गए थे।
गर्मी की चुनौतियाँ
तेज धूप उमस से परेशानी भीषण गर्मी और उमस ने अभ्यर्थियों की परीक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। दूर-दराज से पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने बताया कि सुबह से तेज धूप के कारण केंद्र तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। बक्सर के चरित्रवन से आए अभ्यर्थी राकेश कुमार ने कहा कि दूर स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचना कठिन रहा। वहीं अभ्यर्थियों के साथ आए परिजनों को भी गर्मी और भीड़ के बीच काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।


