
बिहार बजट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत: सीग्रीवाल
बिहार विधान सभा में 2026-27 का बजट पेश किया गया, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की बात की गई। सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने कहा कि बजट में 5 नए एक्सप्रेस-वे और सड़कों के डबल लेन में अपग्रेड करने की घोषणा की गई है। यह बजट किसानों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय उत्पादों को लाभ पहुंचाएगा।
छपरा, एक संवाददाता। महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने बिहार विधान सभा में सत्र 2026-27 का मंत्री विजेन्द्र यादव द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने वाला है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे किसानों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय उत्पादों को सीधा लाभ मिलेगा। बजट में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा व सभी सिंगल लेन सड़कों को डबल लेन में अपग्रेड करने का प्रस्ताव विकास की रफ्तार को तेज करेगा। सांसद ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं को पूरा करने की दिशा में यह बजट एक ठोस कदम है।
यह बजट बिहार को उन्नत, आत्मनिर्भर और बिहारवासियों को अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बिहार बजट विकासोन्मुखी : रूडी फोटो छपरा। सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बिहार बजट 2026-27 को पूरी तरह विकासोन्मुखी बताते हुए कहा कि यह बजट राज्य के छात्रों, युवाओं, कारोबारियों और महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र के लिए घोषित ₹2,000 करोड़ से रोजगार और स्थानीय उत्पादन को नई गति मिलेगी, जबकि सूक्ष्म व लघु उद्योगों के लिए बनाई गई ₹10,000 करोड़ निधि छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत है। सारण के पारंपरिक उद्योग-चावल प्रसंस्करण, लकड़ी, मसाला, परिधान और कृषि आधारित इकाइयों को इससे मजबूती मिलेगी। ‘शी मार्ट’ की घोषणा महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रूडी ने युवाओं के लिए नवाचार और स्टार्टअप प्रोत्साहन से जुड़े प्रावधानों को सारण के युवा उद्यमियों के लिए बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और नदी मार्ग परिवहन जैसी योजनाएँ आने वाले वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई देंगी। बेहतर सड़कें, मजबूत कनेक्टिविटी: बजट से सारण को विकास की सौगात छपरा, नगर प्रतिनिधि। बिहार सरकार ने बजट ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि राज्य की विकास नीति में सड़क और कनेक्टिविटी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। खासकर सारण जैसे जिले, जहां ग्रामीण और शहरी इलाकों का आपसी जुड़ाव ही आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ है, वहां इस बजट का सीधा और दूरगामी असर दिखने वाला है। बजट में सड़क परियोजनाओं के लिए विशेष राशि का प्रावधान कर सरकार ने यह अहम निर्णय लिया है कि राज्य की सभी सिंगल लेन सड़कों को चरणबद्ध तरीके से डबल लेन में बदला जाएगा। यह फैसला न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि सड़क सुरक्षा और विकास की रफ्तार को भी नई दिशा देगा। सारण जिले में बड़ी संख्या में ऐसी सड़कें हैं, जो वर्षों से सिंगल लेन होने के कारण दुर्घटनाओं और जाम की समस्या से जूझ रही हैं। छपरा से आसपास के प्रखंडों और गांवों को जोड़ने वाली कई प्रमुख सड़कें आज भी संकरी हैं, जिससे भारी वाहनों और यात्री परिवहन में परेशानी होती है। बजट के इस प्रावधान के बाद इन सड़कों के डबल लेन होने से यातायात व्यवस्था सुचारू होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।ग्रामीण इलाकों के लिए यह योजना और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। डबल लेन सड़कें बनने से किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में बेहतर सड़कें होने से छपरा शहर की आंतरिक यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।इसके अलावा, सड़क चौड़ीकरण से आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस, दमकल और पुलिस की आवाजाही भी तेज होगी, जिससे आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। सरकार के इस कदम से दूर-दराज के क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह बजटीय फैसला सारण जिले के लिए विकास की नई राह खोलने वाला है। बेहतर सड़कें न केवल सफर को आसान बनाएंगी, बल्कि जिले की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति को भी मजबूती प्रदान होगी। बजट से ऊर्जा को मिलेगी नई ताकत, सारण में सुधरेगी बिजली व्यवस्था छपरा, नगर प्रतिनिधि। बिहार सरकार के नए बजट में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर पेश की गई सकारात्मक तस्वीर का सीधा लाभ सारण जिले को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य सरकार ने इस बार ऊर्जा को विकास की रीढ़ मानते हुए ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को और मजबूत करने की स्पष्ट योजना बजट में शामिल की है। इसका उद्देश्य न सिर्फ बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाना है, बल्कि गांव से लेकर शहर तक हर उपभोक्ता को बेहतर और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना भी है।सारण जिले में बीते कुछ वर्षों में बिजली पहुंच तो बढ़ी है, लेकिन ट्रांसमिशन लाइन और वितरण व्यवस्था की कमजोरियों के कारण कई इलाकों में अब भी लो वोल्टेज, बार-बार फॉल्ट और अनियमित आपूर्ति जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य, लघु उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए स्थायी बिजली आपूर्ति एक बड़ी जरूरत रही है। बजट में किए गए प्रावधानों के बाद इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद और मजबूत हुई है।नए बजट में ट्रांसमिशन लाइन के विस्तार, पुराने जर्जर तारों को बदलने, नए सब-स्टेशन की स्थापना और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे छपरा शहर के साथ-साथ जिले के दूरदराज के गांवों तक बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा। बेहतर नेटवर्क से बिजली कटौती में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को स्थिर वोल्टेज मिल सकेगा।ऊर्जा क्षेत्र में सुधार का असर सीधे जिले की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा। किसानों को सिंचाई के लिए समय पर बिजली मिलने से कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं छोटे उद्योग, कोल्ड स्टोरेज, आटा मिल, राइस मिल और अन्य व्यवसायों को निरंतर बिजली मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। शहरी क्षेत्र में भी व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।इसके अलावा, मजबूत ऊर्जा व्यवस्था से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ होगा। स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बेहतर होने से कार्यक्षमता बढ़ेगी। कुल मिलाकर, बजट में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर किया गया यह प्रावधान सारण जिले के समग्र विकास को नई गति देने वाला साबित हो सकता ।

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