अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नर्सिंग होम में युवक की मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा

शहर के भरत-मिलाप चौक के समीप एक आर्थोपेडिक निजी नर्सिंग होम में इलाजरत 20 वर्षीय युवक की बुधवार को मौत हो गई। मरीज की मौत होते ही डॉक्टर व स्टॉफ नर्सिंग होम छोड़ कर भाग गये। इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। मृत मरीज के परिजनों की हंगामा की सूचना मिलते ही भगवान बाजार थाने की पुलिस पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मृतक टुन्ना सिंह गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के फैजुलाहपुर गांव स्वर्गीय जितेन्द्र सिंह का पुत्र था। परिजनों ने बताया कि टुन्ना का पैर करीब डेढ़ साल पूर्व टूट गया था। इसी नर्सिंग होम में उसके टूटे पैर में स्टील प्लेट लगाया गया था, तब डाक्टर ने बताया था कि डेढ़ साल के बाद पैर में लगाया गया स्टील प्लेट निकाल देना होगा। डेढ़ वर्ष पूरा होने पर टुन्ना को लेकर उसके परिजन मंगलवार को आये और सुबह करीब 10 बजे उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराया। रात में ऑपरेशन कर उसके पैर से डॉक्टर ने प्लेट निकाला और सुबह उसकी हालत बिगड़ने लगी। मरीज की हालत बिगड़ते देख डॉक्टर व स्टॉफ उसे जबरन एम्बुलेंस में बैठाकर पटना भेजने लगे। इसी दौरान सुबह करीब छह बजे मरीज की मौत हो गई। पुलिस ने सदर अस्पताल में उसके शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजन को सौंप दिया। टुन्ना की मौत के बाद उसकी मां और छोटे भाई कुंदन का रो-रो कर बुरा हाल था। दोनों बार-बार यही कह रहे थे सब कुछ सामान्य था, तो फिर उसकी मौत कैसे हो गई। उन्होंने भगवान बाजार थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में डॉक्टर की लापरवाही से टुन्ना की मौत होने की बात कही गई है। वह पांच भाई में सबसे मेहनती और मिलनसार था। उसके दोस्त व गांव के लोग सदर अस्पताल में बार-बार यही कह रहे थे कि परिवार को टुन्ना पर नाज था। वह पुणे में एक निजी कंपनी में कार्य करता था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:After the death of a young man in nursing home