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शिक्षक के चौदह वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद गांव के सरकारी विद्यालय को मिला रास्ता

तक सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीण अवकाश प्राप्त शिक्षक मधुसूदन सिंह पिछले 14 वर्ष से अधिकारियों तक दौड़ लगाते रहे। वर्ष 2009 में मढ़ौरा अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंचल पदाधिकारी को इस संदर्भ में जमीन की...

शिक्षक के चौदह वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद गांव के सरकारी विद्यालय को मिला रास्ता
हिन्दुस्तान टीम,छपराMon, 24 Jun 2024 10:30 PM
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मशरक। एक संवाददाता
मशरक प्रखंड के पचरुखवा प्राथमिक विद्यालय व छठ घाट पर लोग वर्षों से पगडंडी से होकर जाते रहे। स्कूल तक सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीण अवकाश प्राप्त शिक्षक मधुसूदन सिंह पिछले 14 वर्ष से अधिकारियों तक दौड़ लगाते रहे। वर्ष 2009 में मढ़ौरा अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंचल पदाधिकारी को इस संदर्भ में जमीन की मापी करा रास्ता निकालने का निर्देश दिया गया जो ठंडे बस्ते में पड़ गया। शिक्षक बताते हैं कि इसे लेकर अंचल कार्यालय ने झूठे मुकदमे में फंसाया, फिर भी हिम्मत नहीं हारे। अनुमंडल , जिला से लेकर लोकायुक्त पटना तक रास्ते की शिकायत लेकर पहुंचे शिक्षक व ग्रामीणों के प्रखंड प्रमुख रवि प्रकाश सिंह मंटू मददगार बने । दोनों ने मिल ग्रामीणों के सहयोग से रास्ता का मसला हल किया। फिर अंचल अमीन से मापी करा जमीन देने पर ग्रामीणों की सहमति बनी। अब युद्ध स्तर से मिट्टी भराई का कार्य प्रारंभ किया गया है ताकि बरसात से पूर्व मार्ग बनकर तैयार हो जाए। प्रखंड प्रमुख ने बताया कि मनरेगा से इस मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। यह मार्ग गांव की बड़ी आबादी के लिए मील का पत्थर होगा जिससे डोइला से कुम्हैला होते हुए पचरुखवां प्राथमिक विद्यालय व छठ घाट तक आना आसान होगा।

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