
बीजेपी की लिस्ट पर बवाल शुरू, अजय निषाद की पत्नी रमा को टिकट पर भड़के रामसूरत राय
मुजफ्फरपुर जिले की औराई विधानसभा सीट पर टिकट कट जाने के बाद पूर्व मंत्री रामसूरत राय भड़क गए हैं। उन्होंने पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी रमा निषाद को औराई से टिकट दिए जाने को लेकर भाजपा नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जारी हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कैंडिडेट लिस्ट पर सियासी बवाल शुरू हो गया है। मुजफ्फरपुर जिले की औराई सीट से टिकट कटने पर मौजूदा विधायक एवं पूर्व मंत्री रामसूरत राय ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस सीट से पिछले दिनों कांग्रेस से भाजपा में लौटे पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी रमा को टिकट दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। रामसूरत राय ने पार्टी को अपने फैसले पर विचार करने को कहा है।

बिहार के पूर्व राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने लिखा, “2020 के विधानसभा चुनाव में मैंने औराई विधानसभा क्षेत्र से, 48 हजार से भी ज्यादा वोट से महागठबंधन के प्रत्याशी को हराया था। यह पूरे बिहार में तब जीत का सबसे बड़ा मार्जिन था। पूरे 5 वर्ष तक मैंने औराई विधानसभा क्षेत्र में सड़क, बिजली, पुल सहित अन्य विकास कार्यों की झड़ी लगा दी। तन, मन, धन से क्षेत्र के जनता की सेवा की। इसका गवाह बिहार का पूरा प्रदेश नेतृत्व है।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके बावजूद मेरा टिकट काटकर उन अजय निषाद की पत्नी को टिकट दिया गया है जो 2024 लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर भाजपा को छोड़कर कांग्रेस से चुनाव लड़े और हारे। अब फिर से भाजपा में आने के बाद, उनकी पत्नी को टिकट दे दिया गया है। स्वार्थी और अवसरवादी तत्वों को पार्टी में बढ़ावा मिलने से भाजपा कार्यकर्ता भी आहत हैं। पार्टी को इस विषय पर विचार करना चाहिए।”
बता दें कि रामसूरत राय 2010 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर औराई से विधायक बने थे। 2015 में उन्हें आरजेडी के सुरेंद्र कुमार ने हरा दिया था। 2020 में वापस भाजपा ने रामसूरत राय के चेहरे पर ही भरोसा जताया और वे बड़ी जीत के साथ विधानसभा पहुंचे। फिर नीतीश सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया।
अब 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है। उनकी जगह भाजपा ने रमा निषाद को उम्मीदवार बनाया है। वह मुजफ्फरपुर के पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। अजय निषाद का लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने टिकट काट दिया था। इसके बाद वे कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा लड़े थे और हार गए थे। अब विधानसभा चुनाव से पहले वे दोबारा अपने परिवार के साथ भाजपा में वापस आ गए हैं।



