
दीपावली में कोहराम; पानी में था करंट, बाप-बेटे की दर्दनाक मौत, एक दूसरे को बचाने में तड़प कर मरे, बवाल
घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने खवासपुर-फारबिसगंज मुख्य मार्ग को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि विभाग की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह हादसा हुआ है।
बिहार के अररिया में पिता पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। दीपावली के पर्व पर परिवार में मातम छा गया। सोमवार की दोपहर खवासपुर-फारबिसगंज मार्ग स्थित करिया पुल के समीप पानी में प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान खवासपुर गांव के विद्यानंद मलिक (47 वर्ष) व उनके पुत्र सागर मलिक (14 वर्ष) के रूप में की गई है। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

परिजनों के अनुसार करिया पुल के पास काफी पहले से बिजली की तार पानी में गिरी हुई थी। सोमवार को विद्यानंद मलिक सुअर पकड़ने के लिए पानी में उतरे तो करंट की चपेट में आ गए। पिता को तड़पता देख पुत्र सागर भी उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने खवासपुर-फारबिसगंज मुख्य मार्ग को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि विभाग की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह हादसा हुआ है। कई बार शिकायत के बावजूद गिरा हुआ तार नहीं हटाया गया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर जाम हटवाया। भाजपा ओबीसी नेता दिलीप पटेल ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।
थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों की मौत करंट की चपेट में आने से हुई है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
वहीं बिजली विभाग की एसडीओ कोमल कुमारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पानी में करंट होनेकी पुष्टि नहीं हुई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की गयी है। परिवार काफी गरीब है। कमाने वाले दो लोगों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।





