भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब आमरण अनशन, मुंडन कराकर सचिन आंदोलन पर अड़े; न्याय की मांग
भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में अब बेतिया का एक युवक ने आमरण अनशन शुरू किया है। बिलौटी गांव में भरत तिवारी के परिजनों से कई लोग मिलने आ रहे हैंं। जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा की मां ने भी भरत की मां से मुलाकात की है।

भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू हो गया है। दरअसल पश्चिम चंपारण के बेतिया के रहने वाले सचिन मिश्रा शाहपुर के बिलौटी गांव में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इसके पहले उन्होंने मुंडन भी कराया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। सचिन मिश्रा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने न्याय के समर्थन में अनशन शुरू करने का फैसला किया।
अनशन स्थल पर उन्होंने विभिन्न मांगों और नारों वाले पोस्टर भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। इधर, अनशनकारी की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के लिए शाहपुर रेफरल अस्पताल की टीम समय-समय पर जांच कर रही है। चिकित्सक अतिउत्लाह अंसारी के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मी अनशन स्थल पर पहुंचकर निगरानी कर रहे हैं। अनशन को लेकरक क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, जबकि पीड़ित परिवार और समर्थक न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।
बंगाल से पैदल अयोध्या जा रहे यात्री बिलौटी पहुंचे
इधर एनकाउंटर और भरत भूषण तिवारी की मौत के विरोध में आंदोलन का अलख जगाने के लिए नेताओं सहित विभिन्न संगठनों के लोगों का बिलौटी गांव में लगातार आना-जाना लगा है। इस बीच बंगाल के मालदा से पैदल अयोध्या धाम जा रहे कुछ तीर्थयात्री भी बिलौटी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पैदल अयोध्या जाने के क्रम में उन लोगों को सोशल मीडिया से एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत की खबर मिली। तब वो लोग रास्ता बदल कर बिलौटी पुहंचे और घटना की जानकारी ली। इन लोगों ने भरत भूषण तिवारी को नमन भी किया।
भरत की मां से मिलीं नीट छात्रा की मां
इधर जहानाबाद की नीट छत्रा की मां ने भी बिलौटी गांव आकर भरत तिवारी की मां से मुलाकात की है। नीट छात्रा की मां ने भावुक होकर कहा कि इंसाफ मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन समाज के अन्य बच्चों के अधिकार और न्याय के लिए वो आखिरी सांस तक संघर्ष करेंगी। मुलाकात के दौरान अन्य महिलाओं ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि अब रोने का नहीं बल्कि दुर्गा बनकर अपराधियों और अन्याय के खिलाफ लड़ने का समय है। इस दौरान प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। लोगों ने कहा कि समाज के पीड़ितों के लिए आवाज उठाने वाले भरत तिवारी का आखिर कसूर क्या था?


