गांव में टैक्स पर केंद्र, राज्य में मतभेद? सम्राट के मंत्री दीपक बोले- हर घर से 12सौ वसूली की शर्त खत्म हो
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा से मिली राशि का पारदर्शी तरीके से ग्रामीणों के हित के लिए उपयोग किया जायेगा। इससे ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा।

Bihar News: बिहार ने पंचायतों द्वारा हर घर से सालाना 1200 रुपये कर वसूलने की 16वें वित्त आयोग की शर्त शिथिल करने की मांग की है। 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्याशाला में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि बिहार जैसे प्रदेश के लिए 1200 कर वसूलने की शर्त खत्म हो। इससे पहले 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने देशभर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर हर से सालाना 12 सौ टैक्स लिए जाने का प्रस्ताव किया है।
मंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा से मिली राशि का पारदर्शी तरीके से ग्रामीणों के हित के लिए उपयोग किया जायेगा। इससे ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण आधारभूत संरचना, जनसेवाओं की उपलब्धता तथा स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी।
16वें वित्त आयोग से बिहार को 2026-27 से 2030-31 तक लगभग 52 हजार करोड़ राशि मिलेगी। 2026-27 में 6670 करोड़ मिलेगी। पूरी राशि तभी मिलेगी जब 20 प्रतिशत राशि यानी लगभग 1300 करोड़ की व्यवस्था राज्य करेगी। कुल राशि में 20 फीसदी राशि प्रदर्शन के आधार पर मिलेगी। इसमें राज्य और पंचायती राज संस्थाओं का परफार्मेंस देखा जायेगा।
कार्यशाला में यूपी और छत्तीसगढ़ ने भी 1200 रुपये कर वसूलने की शर्त को समाप्त करने की मांग की है। कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने की। कार्यशाला में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार और अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश सहित सभी राज्यों के पंचायती राज मंत्री और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
दरअसल, राज्यों में शहरी क्षेत्र की तर्ज पर अब गांवों में भी टैक्स की वसूलने की तैयारी हो रही है। बिहार में भी सभी ग्राम पंचायतें हरेक घर से साल भर में औसतन 1200 रुपये टैक्स लेगी। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर ग्रामीणों को भी नगर निगम की तर्ज पर होल्डिंग सहित अन्य टैक्स देना होगा। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग की हरी झंडी मिल गई है। अब कैबिनेट से सहमति मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने देशभर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की अनुशंसा की है। इससे आगे के वर्षों में वित्त आयोग से मिलने वाली अनुदान राशि में कटौती संभव है। गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने के लिए टैक्स लगेगा। स्ट्रीट लाइट और पेयजल आपूर्ति पर भी कर का प्रावधान होगा। नई व्यवस्था में हर घर नल का जल आपूर्ति के लिए अनिवार्य रूप से शुल्क वसूलने का प्रावधान किया जा रहा है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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