बिहार में कल से शुरू हो रहा जनगणना का पहला चरण, इस पोर्टल पर जाकर खुद दें 33 सवालों के जवाब

Jayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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बिहार में जनगणना का पहला चरण शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है। 17 अप्रैल से 1 मई तक 15 दिनों की अवधि में स्वगणना होगी। इस दौरान राज्य के निवासी ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर खुद 33 सवालों का जवाब देकर अपने एवं परिवार और आवास के बारे में जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

बिहार में कल से शुरू हो रहा जनगणना का पहला चरण, इस पोर्टल पर जाकर खुद दें 33 सवालों के जवाब

Bihar Census: बिहार में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत शुक्रवार 17 अप्रैल 2026 से होने जा रही है। पहले चरण में प्रथम 15 दिन स्व-गणना की जाएगी। इस दौरान राज्य के निवासी खुद जनगणना के लिए बनाए गए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और आवास से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना के दौरान नागरिकों को पोर्टल पर उपलब्ध 33 सवालों का जवाब देना होगा। फिर अगले महीने प्रगणक आपके घर आकर उस जानकारी को वेरिफाई करेंगे।

बिहार में स्वगणना की अवधि 17 अप्रैल से 1 मई 2026 है। इस दौरान आम नागरिक नागरिक जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार, आवास और सुविधाओं से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। परिवार के मुखिया का नाम एवं किसी भी एक दस्य के मोबाइल नंबर से इस पर पंजीकरण करना होगा।

स्वगणना फॉर्म भरने के बाद एक Self Enumeration ID मिलेगी। इसे सुरक्षित रखना होगा। प्रगणक जब जनगणना के लिए आपके घर आएंगे, तब उन्हें यह आईडी उपलब्ध करानी होगी।

बिहार राज्य में स्व-गणना (Self Enumeration) की अवधि 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक निर्धारित है। इस अवधि में राज्य के नागरिक https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में परिवार के मुखिया का नाम एवं किसी भी एक सदस्य के मोबाईल नंबर से पंजीकरण कर सकते हैं। स्व-गणना करने के पश्चात एक Self Enumeration ID प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना होगा और प्रगणक के घर आने पर उन्हें उपलब्ध कराना होगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने गुरुवार को कहा कि स्व-गणना की व्यवस्था से आम नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे जनगणना की प्रक्रिया अधिक सटीक और आधुनिक बनेगी। यह पहल जनगणना कार्यों के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे लोगों को सुरक्षित और उपयोग में आसान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिल रही है।

स्वगणना में इन 33 प्रश्नों का देना होगा जवाब-

  • लाइन संख्या, भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या
  • मकान का फर्श किससे बना है (पत्थर, टाइल्स, सीमेंट, मिट्टी)
  • दीवार किससे बनी हुई हैं (घास-फूस, मिट्टी, लकड़ी, पत्थर, ईंट, कंक्रीट)
  • छत बनाने में किस मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है
  • मकान या इमारत का इस्तेमाल किसके लिए उपयोग हो रहा है (आवास, दुकान, कार्यालय, अस्पताल, पूजा स्थल, फैक्ट्री या खाली)
  • मकान की स्थिति रहने योग्य है या नहीं
  • मकान पूरी तरह आवासीय उपयोग के लिए या आंशिक रूप से
  • मकान में कितने परिवार रहते हैं
  • परिवार के कुल लोगों की संख्या
  • परिवार के मुखिया का नाम
  • पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर कितने हैं
  • अनुसूचितजाति या जनजाति में आते हैं क्या
  • मकान के खुद मालिक हैं या किराये पर रह रहे हैं
  • मकान में कितने कमरे हैं
  • पेयजल का मुख्य स्रोत क्या है
  • पानी की व्यवस्था घर में ही हो जाती है या बाहर से लाना पड़ता है
  • लाइट का मुख्य स्रोत क्या है
  • शौचालय हैं या नहीं, अगर हैं तो कितने हैं
  • शौचालय किस तरह का है
  • गंदे पानी की निकासी की क्या व्यवस्था है
  • रसोई घर है या नहीं, एलपीजी या पीएनजी गैस कनेक्शन है या नहीं
  • खाना मुख्य रूप से किस ईंधन से पकाया जाता है
  • रेडियो, ट्रांजिस्टर आदि उपकरण
  • टीवी
  • इंटरनेट सुविधा
  • लैपटॉप या कंप्यूटर
  • टेलीफोन, मोबाइल फोन
  • साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल की जानकारी
  • कार, जीप, वैन की जानकारी
  • अनाज कौनसा खाते हैं

Jayesh Jetawat

लेखक के बारे में

Jayesh Jetawat

जयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।

जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।

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