Hindi NewsBihar NewsCBI did not perform properly in journalist Rajdev Ranjan murder case wife Asha expressed pain on verdict
CBI ने ठीक से काम नहीं किया, पत्रकार राजदेव रंजन मर्डर केस के फैसले पर छलका पत्नी आशा का दर्द

CBI ने ठीक से काम नहीं किया, पत्रकार राजदेव रंजन मर्डर केस के फैसले पर छलका पत्नी आशा का दर्द

संक्षेप: पत्नी आशा रंजन ने कहा कि राजदेव रंजन हत्याकांड में जब मुख्य व्यक्ति को ही कोर्ट ने बरी कर दिया तो देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी से अब और क्या उम्मीद की जा सकती है। सीबीआई लगातार वकील बदलती रही

Sun, 31 Aug 2025 11:11 AMSudhir Kumar सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता
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पत्रकार रादजेव रंजन हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद पत्नी आशा रंजन, बेटी समेत अन्य परिजन मायूस हैं। कोर्ट का फैसला आने के बाद अपने आवास पर मायूस व दुखी बैठी आशा रंजन ने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उम्मीद के विपरित यह फैसला आया है। हिन्दुस्तान सीवान के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन हत्याकांड में शनिवार को मुजफ्फरपुर जिला एवं अपर सत्र न्यायधीश-3 नमिता सिंह की विशेष सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाया। नौ साल बाद आए फैसले में कोर्ट ने अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां समेत तीन को बरी कर दिया। जबकि अदालत ने तीन अन्य अभियुक्तों को दोषी करार दिया है।

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परिजनों को यकीन नहीं हो रहा कि नौ साल बाद इस प्रकार का फैसला सीबीआई कोर्ट का आयेगा। उन्होंने कहा कि राजदेव रंजन हत्याकांड में जब मुख्य व्यक्ति को ही कोर्ट ने बरी कर दिया तो देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी से अब और क्या उम्मीद की जा सकती है। आशा रंजन ने बताया कि सीबीआई लगातार वकील बदलती रही, इससे इस केस में कब क्या हो रहा है, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही थी। यहां तक कि सीबीआई की अदालत ने फैसला सुनाए जाने की सूचना तक नहीं दी।

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सीबीआई ने सही ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया

आशा रंजन ने कहा कि उनके पति राजदेव रंजन की हत्या मामले में साक्ष्यों की कमी नहीं है। जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिले थे। लेकिन कोर्ट में सीबीआई इसे सही ढंग से प्रस्तुत नहीं की। उन्होंने कहा कि एक आरोपित पर आठ साल तक केस चला, लेकिन अचानक से उसे 2024 में सीबीआई ने जुबेनाइल कर दिया, जबकि 2016 में सीवान सदर अस्पताल में मेडिकल टीम उसकी अर्जी को रद्द कर दी थी। आशा रंजन ने बताया कि फैसले की कॉपी मिलने, उसका अध्ययन करने व अपने अधिवक्ता से परामर्श लेने के बाद अगला निर्णय लेंगी।

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13 मई, 2016 की शाम को हुई थी हत्या

सीवान में 'हिन्दुस्तान' के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या 13 मई, 2016 की शाम अपराधियों ने गोली मारकर कर दी गई थी। राजदेव रंजन घटना के दिन शाम को अपने दफ्तर से काम पूरा करने के बाद एक रिश्तेदार को देखने अस्पताल में गए थे। वहां से लौटते समय अपराधियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां दागी थी। एक गोली उनकी आंखों के बीच व दूसरी गर्दन पर लगी थी। जिससे उनकी मौत मौके पर ही हो गई थी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। राजदेव की पत्नी आशा रंजन के बयान पर सीवान टाउन थाने में अज्ञात पेशेवर शातिरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस हत्या कांड में सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का नाम उछला था। मामले की पहले पुलिस ने जांच की। पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को छोड़कर अन्य 7 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।

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Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar
टीवी मीडिया और डिजिटल जर्नलिज्म में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। क्राइम, पॉलिटिक्स, सामाजिक और प्रशासनिक मामलों की समझ रखते हैं। फिलहाल लाइव हिन्दु्स्तान में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर बिहार के लिए काम करते हैं। इससे पहले ईटीवी न्यूज/News18 में बिहार और झारखंड की पत्रकारिता कर चुके हैं। इंदिरा गांधी नेशनल ओेपन यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में पीजी किया है। और पढ़ें
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