
भोज खाकर निकले परिवार की कार नहर में गिरी; सहरसा के पति-पत्नी, बेटी की सुपौल में मौत
सुपौल में एनएच 327 ई पर देर रात एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। कार में सवार 7 में से 3 लोगों की डूबने से मौत हो गई। सभी एक ही परिवार के थे। मृतकों में एक बच्ची भी शामिल है।
बिहार के सुपौल जिले के सदर थाना के थलहा के पास एनएच 327 ई पर दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। जोलहनियां से छठी का भोज खाकर निकले परिवार की स्कॉर्पियो कार नहर में गिर गई। घटना शुक्रवार रात 11 बजे की बताई जा रही है। गाड़ी में 7 लोग सवार थे। मरने वालों में पति, पत्नी और बेटी शामिल हैं। कार सवार सभी लोग सहरसा जिले के रहने वाले थे।

मृतकों की पहचान सहरसा जिले के नवहट्टा थान के वार्ड 9 के रहने वाले 35 वर्षीय मो. इन्तखाब, उनकी 32 वर्षीय पत्नी साजिदा खातून और उनकी 7 वर्षीय पुत्री इकरा शेख उर्फ सोफिया के रूप में हुई है। पूरा परिवार स्कॉर्पियो से सुपौल में अपने किसी रिश्तेदार के यहां बर्थडे पार्टी में शरीक होकर वापस घर लौट रहा था।
रास्ते में थलहा के पास पुल से गुजरते समय स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे रेलिंग से टकराने के बाद तोड़ते हुए नीचे नहर में जा गिरी। इसके बाद अचानक गेट लॉक हो गया और एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
रिश्तेदार के यहां भोज में गया था परिवार
बताया जा रहा है कि मोहम्मद इंतखाब उर्फ मीठे अपने एक रिश्तेदार के यहां छठी के भोज में शामिल होने आए थे। प्रत्यक्षदर्शी समीर ने बताया कि मीठे गाड़ी चला रहे थे। इकरा उर्फ सोफिया गाड़ी में ड्राइवर सीट के बगल में बैठी थी। मीठे की पत्नी साजिदा खातून और तीन बच्चे बीच वाली सीट पर बैठे थे। वह पिछली सीट पर बैठा था।
परसरमा से बिहरा के बीच इकरा शेख उर्फ सोफिया को नींद आने लगी। मीठे आगे बैठे बच्चे को पीछे उठाकर उसकी मां को पकड़ा रहे थे। तभी गाड़ी की स्टेयरिंग अचानक तेजी से मुड़ा। गाड़ी मुड़ते ही छोटे पुलिया के डिवाइडर से टकराकर नीचे नहर में गिर गई।
3 बच्चों की बची जान, सड़क पर आकर मांगी मदद
समीर ने बताया कि जैसे ही डिवाइडर से टकराकर गाड़ी नीचे गिरी, पीछे वाला डिक्की का गेट खुल गया। तब तीन बच्चों को बाहर निकाला गया और किसी तरह उनकी जान बच गई। वहीं गाड़ी लगभग 20 फीट पानी में गिरी थी, जिस कारण आगे बैठी सोफिया प्रवीण, इंतेखाब उर्फ मीठे और साजिदा खातून की डूबने से मौत हो गई।
गाड़ी से बचकर बाहर निकले लोगों ने सड़क पर आकर एक ई-रिक्शा को रोका और परिजन को फोनकर हादसे की जानकारी दी। हादसे के महज आधे घंटे बाद तीनों शवों को गाड़ी से निकलवाया गया।
मृतक के पिता मो तस्सद्दु ने बताया कि 10 वर्षीय समीर ने तीन और बच्चों को बचाया। वहीं उनके बेटे मीठे, बहू साजिदा खातून और पोती सोफिया प्रवीण की गाड़ी में पानी भरने के कारण डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
इसके बाद स्थानीय पुलिस के द्वारा तीनों शव को बाहर निकाला गया और देर रात ही सुपौल सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को तीनों शव सौंप दिया गया है। उधर, घटना के बाद परिवार में रोने-बिलखने से चीत्कार मचा हुआ है। परिवार सहित पूरा नवहट्टा मातम में डूब गया है।





