पटना में सोन नहर में समा गई कार, दंपति की मौत; बेटा और भतीजे ने कूदकर बचाई जान
परिजनों के अनुसार, एक वाहन चालक द्वारा चकमा दिए जाने के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पटना सोन नहर में चली गई। सोनू और फुटून ने कार का शीशा तोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद काफी भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पुलिस भी पहुंची।

पटना में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां बिक्रम थाने के पड़रियावां गांव के पास बुधवार की सुबह करीब दस बजे अनियंत्रित होकर एक कार पटना सोन नहर में गिर गई। इससे कार सवार दंपती की डूबने से मौत हो गई। मृतक 54 वर्षीय जितेंद्र कुमार और उनकी पत्नी मालती देवी (45) औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के गांधीनगर निवासी थे। हादसे में दंपती के पुत्र 25 वर्षीय मोनू कुमार और भतीजा फुटून कुमार घायल हैं। दोनों कार का शीशा तोड़कर किसी तरह बाहर निकले।
जितेंद्र कुमार इलाज कराने पटना आ रहे थे। साथ में पत्नी और बेटा भी था, जबकि कार भतीजा फुटून चला रहा था। परिजनों के अनुसार, एक वाहन चालक द्वारा चकमा दिए जाने के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पटना सोन नहर में चली गई। सोनू और फुटून ने कार का शीशा तोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद काफी भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पुलिस भी पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से कार में फंसे दंपती को बाहर निकाला गया। पुलिस ने कार सवार सभी को बिक्रम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जितेंद्र और मालती को मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पटना सोन नहर में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया था। जिससे नहर में पानी पूरा भरा था। हालांकि हादसे के कारण कार में फंसे सभी लोगों को ग्रामीणों ने बाहर निकालकर अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया। वहीं, मृतक दंपती के पुत्र और भतीजे को प्राथमिक उपचार के बाद पटना एम्स भेज दिया गाय।
घर में कोहराम:दुर्घटना की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजन रोने बिलखने लगे। लोग परिजनों को ढांढ़स बंधाने की कोशिश कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलने पर एक बार में कोई इस अनहोनी पर विश्वास नहीं कर पा रहा था। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र कुमार वर्तमान में एलआईसी सहित निवेश कंपनियों से जुड़कर काम करते थे।
औरंगाबाद से इलाज कराने पटना आ रहे थे
मृतक जितेंद्र कुमार के रिश्तेदार पूर्व पार्षद राजीव रंजन कुमार उर्फ विनोद ठाकुर ने बताया कि उनके गर्दन के पिछले भाग के उपरी हिस्से में ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद उन्हें लकवा की कुछ शिकायत हुई थी। इसके इलाज के लिए वह लगातार पटना जा रहे थे। पटना में डॉक्टर के पास उनका नंबर लगा हुआ था इसलिए अल सुबह पति-पत्नी और उनका बेटा तथा एक भतीजा कार से पटना के लिए रवाना हुए।


