बिहार के बेगूसराय में केनरा बैंक के मैनेजर की कमरे में नग्न लाश मिली, पत्नी बोली- पटना आने वाले थे
केनरा बैंक के सीनियर मैनेजर की कमरे में मौत कैसे हुई? अभी इसपर सस्पेंस बना हुआ है। सीनियर मैनेजर ब्रजमोहन गुड्डु की मौत को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। उनकी पत्नी ने कहा है कि वो जल्द ही पटना आने वाले थे।

बिहार के बेगूसराय जिले में बैंक मैनेजर की न्यूड डेड बॉडी मिलने से सनसनी फैल गई है। एक कमरे में केनरा बैंक के सीनियर मैनेजर की लाश काफी खराब हालत में मिली है। पत्नी का कहना है कि वो जल्द ही पटना आने वाले थे। पटना सिटी के रहने वाले बैंक मैनेजर करीब एक महीने से बैंक भी नहीं जा रहे थे। दरअसल बेगूसराय जिले में रतनपुर थाना क्षेत्र के निराला नगर मोहल्ले में रविवार को सुनील सदन के ग्राउण्ट फ्लोर पर एक कमरे से केनरा बैंक के सीनियर मैनेजर 35 वर्षीय ब्रजमोहन गुड्डू का नग्न अवस्था में सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी फैल गई।
मृतक पटना सिटी के पचरूखिया थाना के बाली वार्ड-छह निवासी सुरेन्द्र सिंह के पुत्र थे। वह बेगूसराय प्रखंड क्षेत्र के महारथपुर गांव स्थित केनरा बैंक में सीनियर मैनेजर के रूप में कार्यरत थे। वह निराला नगर मोहल्ले में सुनील सदन में किराए के मकान में करीब तीन साल से रह रहे थे। बैंककर्मियों के अनुसार करीब एक माह से ब्रजमोहन बिना सूचना के बैंक से गायब रह रहे थे। कमरे में ही शव मिलने की खबर सुन परिजनों में कोहराम मच गया। मकान मालिक के पुत्र की सूचना पर थाने की पुलिस पहुंची व शव को कमरे से उठाकर पोस्टमार्टम कराने के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
बैंक मैनेजर के कमरे से आ रही दुर्गंध
डीएस डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। रविवार को बिल्डिंग से दुर्गंध आने पर अन्य किरायेदारों को लगा कि किसी कमरे में शायद चूहा मर गया हो। किरायेदार ने मकान मालिक के पुत्र संदीप कुमार को जानकारी दी। जब वे कमरे में ढ़ूंढ़ रहे थे तो बैंक अधिकारी के कमरा के समीप पहुंचे जहां से दुर्गंध आ रही थी। संदीप के अनुसार कमरा का किवाड़ सटा हुआ था। जब हाथ दिया तो किवाड़ खुल गया। अंदर का मंजर देखा तो स्तब्ध रह गए। कमरे के अंदर चौकी पर शव नग्न हालत में पड़ा था। शव सड़ने ने से दुर्गंध आ रही थी। पैर पर स्टैंड फैन गिरा हुआ था। पैर से खून बहने से कमरे का फर्श लाल था। कमरे में अंदर सारे सामान बिखरे पड़े थे, मानो किसी ने उसके साथ बेहरहम तरीके से मारपीट करने के बाद हत्या कर दी हो।
अवैध संबंध में हत्या हुई?
फर्श पर पानी की बोतल व एक दवा का स्टीकर पड़ा था। कमरे के अंदर का खौफनाक मंजर बैंक अधिकारी की हत्या किए जाने की स्थिति बयां कर रहा था। कमरे के अंदर कैमरे में कैद सीन व किवाड़ का खुला रहना भी बता रहा है कि शायद तीन-चार दिन पहले आठ बजे रात के बाद कोई उसके साथ कमरे में अपने ही परिचित चार-पांच लोग आएं होंगे। उसके बाद खाने-पीने के पश्चात घटना को अंजाम दिया गया हो। लोगों के अनुमान के मुताबिक यह भी हो सकता है कि बैंक अधिकारी का किसी के साथ अवैध संबंध होगा व कभी आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया हो। अब मामला चाहे जो भी हो पुलिस पर्यवेक्षण, अनुसंधान व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा होगा कि बैंक अधिकारी की मौत किसी तरह, किस परिस्थिति में व किस कारण से हुई है या हत्या की गयी है।
सदर एसडीपीओ -1 आनंद कुमार पांडेय ने कहा कि रतनपुर थाना क्षेत्र के निरालानगर स्थित किराये के मकान के एक कमरे से बैंक अधिकारी का नग्न हालत में सड़ा-गला शव मिला है। शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं पाये गये हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा होगा कि उनकी मौत हुई है या हत्या की गयी है। मकान के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज व मृतक के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है। पुलिस हर बिंदु पर मामले की जांच-पड़ताल में जुट गयी है।
पत्नी बोलीं- पटना आने की कही थी बात
इधर मृतक की पत्नी जूही अपने छह साल के पुत्र आद्विक सिंह के साथ बेगूसराय पहुंची थीं। वह अपने ही परिजनों की भीड़ से अलग हटकर अकेले मोबाइल रिचार्ज करा रही थी। रुआंसे स्वर में जूही ने बताया कि 24 जून की देर शाम उनसे अंतिम बार बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि एक-दो दिन हम पटना लौट रहे हैं। वह अपने पति के आने का इंतजार कर रही थी लेकिन रविवार की सुबह मनहूस खबर आयी कि उनकी मौत हो गयी है। जूही ने बताया कि उनके पति ने उस दिन बताया था कि वह नियमित रूप से ड्यूटी जा रहे हैं। समय निकालकर पटना आ जाएंगे। सदर अस्पताल के मॉडल अस्पताल भवन के ग्राउण्ड फ्लोर पर मृतक बैंक अधिकारी के परिजन इधर उधर चहलकदमी कर रहे थे।
महिलाएं बदहवास थीं। मृतक का छह साल का पुत्र आद्विक दौड़कर कभी परिजन के पास तो कभी मां के पास पहुंचता था। बीच में वह नाच कूद कर मस्ती में था। शायद इस बच्चे को यह पता नहीं था कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका था। वह अनभिज्ञ था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। मां टुकुर- टुकुर सबों को निहार रही थी। कभी पुत्र के सिर पर हाथ रख सहलाती थी तो कभी मोबाइल का रिंग बजने पर कॉल पर परिजनों को जवाब दे रही थी कि उनका सुहाग सदा के लिए उजड़ गया है।


