
नामांकन से वंचित बच्चों की खोज करने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण
युवा के लिएयुवा के लिए ----------- जिम्मेदारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने दिया निर्देश, राज हाईस्कूल में कार्यक्रम आंगनबाड़ी, टोला सेवक व बीएलओ की मदद से होगी व्यापक खोज फोटो संख्या- 15, कैप्सन-...
युवा के लिए ----------- जिम्मेदारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने दिया निर्देश, राज हाईस्कूल में कार्यक्रम आंगनबाड़ी, टोला सेवक व बीएलओ की मदद से होगी व्यापक खोज फोटो संख्या- 15, कैप्सन- गुरुवार को डुमरांव के राज हाईस्कूल के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षक। डुमरांव, संवाद सूत्र। प्रखंड संसाधन केंद्र डुमरांव की ओर से राज हाईस्कूल के सभागार में गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों की पहचान करना था जो किसी न किसी कारणवश अब तक विद्यालयी शिक्षा से वंचित हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ऐसे सभी नियमों, प्रक्रियाओं और प्रयासों की जानकारी दी गई, जिनके माध्यम से इन बच्चों को चिन्हित कर उन्हें विद्यालय तक लाना है, ताकि राज्य एवं केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही सबके लिए शिक्षा की योजना को और सशक्त रूप दिया जा सके।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु कुमार ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा बचपन का मौलिक अधिकार है और एक भी बच्चा इससे वंचित न रह जाए, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी। बीईओ ने बताया कि नियमों के तहत प्रत्येक पंचायत एवं वार्ड स्तर पर कोर कमिटी का गठन, विद्यालय में हेल्प डेस्क की स्थापना तथा टीम बनाकर घर-घर सर्वे के माध्यम से बच्चों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि नामांकन से वंचित बच्चों की पहचान केवल शिक्षा विभाग का काम नहीं है, बल्कि इसके लिए बहुआयामी प्रयास की आवश्यकता है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग, श्रम संसाधन विभाग, आंगनबाड़ी सेविका, टोला सेवक और बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर जानकारी एकत्र करने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि गांव एवं मोहल्लों में आम सभा का आयोजन कर लोगों को जागरूक करना भी अनिवार्य है, ताकि ऐसे बच्चों की सटीक जानकारी प्राप्त हो सके जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि चिन्हित किए गए प्रत्येक बच्चे को स्कूल तक लाने के लिए व्यक्तिगत रूप से पहल करें। परिवार से संवाद स्थापित करें और भरोसा दिलाएं कि बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इस मौके पर राज हाईस्कूल के प्रधानाचार्य अनुराग कुमार मिश्र, प्रशिक्षण समन्वयक शैलेंद्र पांडेय, नवनीत कुमार सहित प्रखंड के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रभारी प्रधानाचार्य, प्रधान शिक्षक व नोडल शिक्षक उपस्थित थे।

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