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का ए काका, अबकी चुनाव में कवना नेता के लहर बा...

पेज चार के लिए ------------- चर्चा-परिचर्चा सही और गलत प्रत्याशियों का आकलन करने में जुटे जिले के मतदाता मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों ने झोंकी ताकत बक्सर, निज प्रतिनिधि। का ए...

का ए काका, अबकी चुनाव में कवना नेता के लहर बा...
हिन्दुस्तान टीम,बक्सरTue, 14 May 2024 09:00 PM
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चर्चा-परिचर्चा

सही और गलत प्रत्याशियों का आकलन करने में जुटे जिले के मतदाता

मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों ने झोंकी ताकत

बक्सर, निज प्रतिनिधि। का ए काका, अबकी चुनाव में कवना नेता के लहर बा। पिछिला बार त मोदीए के लहर रहे, जेमे सभे जाना उड़िया गईल रहलन। अबकी त एतना नेता मैदान में कूदल बाड़न कि, कुछ बुझाते नईखे। जी हां, लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ इसी तरह पंक्तियां इन दिनों गांवों, शहरों, बाजारों एवं चौक-चौराहों पर गूंज रही है। मंगलवार को डुमरांव प्रखंड के कृष्णाब्रह्म स्थित एक चाय की दुकान पर कुछ लोग लोकसभा चुनाव को लेकर उपजे हालात पर चर्चा कर रहे थे। सत्तर वर्षीय विक्रमा सिंह चुनाव पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हार-जीत कौवनो के होखे, मगर मतदान में भाग लिहल जरूरी बा। ताकि, हमनी के देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हो सके।

बक्सर लोकसभा क्षेत्र में सातवें व अंतिम चरण के तहत आगामी 01 जून को वोट डाले जाएंगे। अभी मतदान प्रक्रिया में काफी लंबा वक्त है। बावजूद, चुनावी अखाड़े में ताल ठोंकने वाले प्रत्याशी अभी से ही क्षेत्र में तूफानी दौरा शुरू कर दिए हैं। चाहे व दलीय प्रत्याशी हों या निर्दलीय, सभी का मकसद सिर्फ एक ही है। किसी तरह चुनावी बाजी अपने पाले में कर दिल्ली का सफर किया जा सके। वैसे, शहरों में चुनावी पर्व की झलक जहां, साफ दिख रही है। वहीं गांव-देहात की खेत-खलिहानें, बाजारें, चौक-चौराहें व चाय-पान की दुकानें सुबह से देर शाम तक चुनावी हलचल गुलजार रह रही हैं।

चुनाव में सभे के हिस्सा लेबे के चाहीं

टुड़ीगंज बाजार स्थित एक मेडिकल की दुकान पर जुटें लोगों के बीच अपनी बात रखते हुए कपड़ा व्यवसायी लालबाबू प्रसाद ने कहा कि एक भारतीय होखे के नाते ई चुनाव में सभे के हिस्सा लेबे के चाहीं, भले नोटा के ही वोट देबे के पड़े। वहीं, समाजसेवा से जुड़े त्रिलोकी पांडेय ने दुकान पर दवा लेने के लिए जुटी भीड़ से अपील करते हुए कहा कि ई चुनाव में ओही प्रत्याशी के वोट दिहीं जा, जवन क्षेत्र के विकास के खातीर तत्पर रहे। बहरहाल, मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे जिले का सियासी पारा परवान चढ़ता जा रहा है। दलीय प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मतदाताओं को अपने पक्ष में गोलबंद करने की कोई कसर छोड़ना नहीं चाह रहे हैं।

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