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7 सितम्बर, 2020|12:53|IST

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कोरोना मरीज की मौत के बाद कोविड अस्पताल में हंगामा

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डुमरांव। निज प्रतिनिधि

कोरोना पीड़ित वृद्ध मरीज की मौत का गुस्सा परिजनों ने अनुमंडल कोविड अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर उतारा। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला बोल दिया। रविवार की रात करीब दस बजे मरीज के साथ पहुंचे परिजनों ने मारपीट शुरु कर दी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात दो चिकित्सक समेत पांच लोगों को जख्मी कर दिया। मारपीट की घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गयी। रात्रि समय एसडीओ हरेन्द्र राम और डीएसपी केके सिंह के साथ अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे। घायलों की निशानदेही पर अस्पताल परिसर से मारपीट में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मारपीट के दौरान सुरक्षा में तैनात जवान भी मूकदर्शक बने रहे। सुरक्षा की मांग को लेकर डाक्टर कार्य बहिष्कार की तैयारी में जुटे हुए हैं।

कोरोना पीडितों के लिए शुरू हुआ था अस्पताल

कोरोना के बढते संक्रमण पर काबू पाने और मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पिछले 1 अगस्त को डुमरांव के ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में अनुमंडलस्तर के कोविड अस्पताल की शुरुआत की थी। सौ बेड के कोविड अस्पताल में मरीजों को हर तरह की सुविधा मुहैया कराया जा रहा था। डाक्टरों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी की गयी है। यहां भर्ती एक मरीज के भोजन पर प्रति दिन 225 रुपये खर्च किया जाता है। इलाज की सुविधा और संसाधन उपलब्ध कराने के बाद मारपीट की घटना से तैनात कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है।

डाक्टर के सलाह के बाद भी होम कोरंटाइन में रखा

पुराना भोजपुर के 63 वर्षीय सुरेश सिंह कोरोना पॉजिटिव थे। उनकी हालत खराब थी। रिपोर्ट आने के बाद मरीज को भर्ती करने के लिए कोविड अस्पताल से एम्बुलेंस पुराना भोजपुर भेजा गया था। स्वास्थ्य प्रबंधक चंद्रशेखर ने बताया कि परिजनों ने वृद्ध कोरोना पॉजिटिव को होम कोरंटाइन में रखने की बात कह एम्बुलेंस को वापस लौटा दिया था। रविवार की देर रात अचानक मरीज की हालत बिगड़ गई। कोविड अस्पताल लाने के दौरान वृद्ध मरीज सुरेश सिंह की मौत हो गई। परिजन डाक्टरों से यह चाहते थे कि मरीज की मृत्यु अस्पताल से ही घोषित किया जाय। लेकिन, डाक्टरों ने मृतक को बक्सर ले जाने को कहा। इसी बात पर तैनात डाक्टरों से मृतक के परिजन उलझ गये। मृतक के परिजन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक सर्जन डॉ. लोकेश कुमार और डॉ. जितेन्द्र कुमार के साथ मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने आये अन्य तीन कर्मी सनी कुमार,सोनू कुमार वर्मा और दिव्यांशु कुमार को उन्होंने पीटकर जख्मी कर दिया।

मारपीट की सूचना मिलने पर पहुंचे अधिकारी

कोविड अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डाक्टर समेत पांच लोगों को पीटकर जख्मी करने की खबर ने प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी। रात्रि समय एसडीओ, डीएसपी, बीडीओ संतोष कुमार सिंह, अस्पताल के नोडल पदाधिकारी डॉ. बलवन कुमार और थानाध्यक्ष संतोष कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। घायलों का इलाज किया गया। डाक्टरों का आरोप था कि सुरक्षा में तैनात गार्ड बचाव करने के बदले मारपीट करने वालों के पक्ष में खडे हो गये थे। नोडल पदाधिकारी डॉ. बलवन का कहना है कि चार में दो गार्ड मौके से गायब थे। उन्होंने बताया कि गार्ड को हटाने के लिए वरीय अधिकारी को लिखा जा रहा है।

डॉक्टर के बयान पर चार के खिलाफ एफआईआर

मारपीट की घटना को लेकर पुलिस ने पुराना भोजपुर के राज जायसवाल, अभिषेक चौधरी, रजनीकांत सिंह और आशा कार्यकर्ता किरण देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में राज जायसवाल और अभिषेक चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इधर कोविड अस्पताल के नोडल पदाधिकारी ने कहा कि यदि दो दिनों के अंदर अस्पताल में सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं हुआ, तो सभी चिकित्सक व कर्मी कार्य का बहिष्कार करेंगे।

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  • Web Title:Uproar in Kovid Hospital after the death of a Corona patient