भारतीय ज्ञान परंपरा केवल सिद्धांत नहीं बल्कि जीने की एक मानवीय पद्धति

हिन्दुस्तान, बक्सर
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एमवी कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो. कृष्णकांत सिंह ने इसे जीवन जीने की मानवीय पद्धति बताया। संगोष्ठी में विभिन्न विद्वानों ने भारतीय और बौद्ध दर्शन, वसुधैव कुटुंबकम और प्राचीन शिक्षण पद्धतियों के महत्व पर विचार साझा किए।

भारतीय ज्ञान परंपरा केवल सिद्धांत नहीं बल्कि जीने की एक मानवीय पद्धति

युवा की लीड -------- चर्चा एमवी कॉलेज में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन, विद्धानों ने रखे अपने-अपने विचार वसुधैव कुटुंबकम को भारतीय ज्ञान का सर्वोच्च मानवीय मूल्य बताया राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में प्राचीन शिक्षण पद्धतियों के महत्व पर जोर फोटो संख्या- 19, कैप्सन- मंगलवार को एमवी कॉलेज में आयोजित सेमिनार में भाग लेते छात्र। बक्सर, हमारे संवाददाता। एमवी कॉलेज में मंगलवार से भारतीय ज्ञान परंपरा में मानवता: एक अनंत यात्रा विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन शुरू हुआ।

विभिन्न विद्वानों के विचार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगोष्ठी का विषय क्या था?
संगोष्ठी का विषय 'भारतीय ज्ञान परंपरा में मानवता: एक अनंत यात्रा' था।
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