
समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को किया प्रशिक्षित
सिमरी प्लस टू उच्च विद्यालय में तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। 40 नोडल शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल सिखाने पर केंद्रित था।
युवा के लिए ---------- तीन दिवसीय सिमरी प्लस टू उच्च विद्यालय में चल रहा था प्रशिक्षण तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का हुआ समापन फोटो संख्या- 11, कैप्सन- बुधवार को सिमरी में आयोजित समावेशी शिक्षा का प्रशिक्षण में भाग लेते नोडल शिक्षक। सिमरी, एक प्रतिनिधि। समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक विद्यालय के दो-दो नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कड़ी में सिमरी स्थित प्लस टू उच्च में आयोजित तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करना था।
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों के कुल 20 विद्यालयों से 40 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का संचालन समावेशी शिक्षा के बीआरपी रमेशचन्द्र पांडेय एवं शोभा कुमारी ने किया। ट्रेनरों ने बताया कि यह प्रशिक्षण वर्गकक्ष में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ने में सशक्त बनाएगा। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र के दौरान कहा कि समावेशी शिक्षा वह शिक्षा है जो विशिष्ट क्षमता वाले बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ एक ही विद्यालय में एक ही कक्षा में एक साथ प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण में शालीग्राम दूबे, रितेश पाठक, आशा देवी, अर्चना तिवारी, अजय यादव, उमेश कुमार व बिन्दु कुमारी थी।

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