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सोशल मीडिया ने गांव की सियासत को बनाया रोचक

हिन्दुस्तान टीम,बक्सरPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 11:40 AM
 सोशल मीडिया ने गांव की सियासत को बनाया रोचक

बक्सर। निज प्रतिनिधि

पंचायत चुनाव के तारीखों का ऐलान होने के बाद गांवों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कुल छह पदों के लिए होने वाले चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्याशी मैदान में तैयारियों के साथ कूद गए हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा बैनर-पोस्टर पर प्रतिबंध लगाने के बाद सोशल मीडिया उनके लिए प्रचार-प्रसार का सबसे सशक्त माध्यम बना हुआ है। भावी उम्मीदवार व उनके समर्थक फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, ट्वीटर व मैसेंजर जैसे सोशल साइटों पर धुंआधार प्रचार कर रहे हैं। पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार प्रचार करने के तरीके पूरी तरह हाईटेक हो गए हैं।

गुड मार्निंग व गुड नाइट के भेज रहे मैसेज :

लंबे अवधि के बाद वर्ष 2001 में पहली बार पंचायत चुनाव हुआ था। बीस वर्षों का लम्हा गुजरने के बाद गांवों में पंचायत चुनाव की धमक पहली बार सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है। मुखिया, बीडीसी व सरपंच के साथ जिला परिषद के दावेदार भी सोशल मीडिया का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। विभिन्न पदों के भावी कहे जाने वाले ये दावेदार प्रात: कालीन ‘गुड मार्निंग तो रात्रि बेला ‘गुड नाइट जैसे मैसेज मतदाताओं के पास भेजकर माहौल को अपने पक्ष में करने की मुहीम चला रहे हैं। अधिकांश प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जो मोबाइल के सहारे अपने पंचायत को विकसित करने के दावे भी कर रहे हैं। उनकी यह मुहीम आम मतदाताओं को कितना प्रभावित करेगी, फिलहाल यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। परन्तु, पंचायत की चुनावी बाजी फतह करने के लिए सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और वाक युद्ध का दौर जारी हो गया है। अपने को अव्वल साबित करने में कोई भी उम्मीदवार कसर छोड़ना नहीं चाह रहा है। पंचायत चुनाव की इस आभासी नूरा-कुश्ती से गांव की सियासत काफी दिलचस्प हो गई है।

अपने-अपने प्रत्याशियों का समर्थक कर रहे हैं प्रचार :

पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ते ही संभावित दावेदार गांव के मतदाताओं के साथ मोबाइल पर व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम व फेसबुक ग्रुप बना लिए हैं। इससे उन्हें उन ग्रुपों से प्रचार करने में काफी सहूलियत मिल रही है। प्रत्याशियों के समर्थक सोशल मीडिया के उन ग्रुपों में अधिक से अधिक मतदाताओं को जोड़ रहे हैं, ताकि मतों का आकलन या अनुमान सटीक तरीके से लगाया जा सके। सबसे खास बात यह है कि उन ग्रुपों में समर्थित लोग दूसरे प्रत्याशियों के नाकामियों एवं कमजोरियों की भी सूचनाएं शेयर कर अपने चहेते का मनोबल बढ़ा रहे हैं। जिले में चुनावी हलचल की शोर सबसे अधिक राजपुर प्रखंड के पंचायतों में गूंज रही है। चूंकि, वहां दुसरे चरण के तहत अगामी 29 सितंबर को मतदान होना है।

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