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गंगा घाटों पर लगाने की बजाय फेंक दिया साइनेज बोर्ड

पेज चार पर फ्लायर ------------ ---------- गड़बड़झाला एक साइनेज बोर्ड की कीमत 28 हजार सात सौ, एक एक करके शहर के 32 गंगा घाटों पर छठ महापर्व तक ही लगाना था हनुमान घाट पर लगने वाला साइनेज बोर्ड फेंका...

गंगा घाटों पर लगाने की बजाय फेंक दिया साइनेज बोर्ड
हिन्दुस्तान टीम,बक्सरSun, 03 Dec 2023 09:30 PM
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गड़बड़झाला

एक साइनेज बोर्ड की कीमत 28 हजार सात सौ, एक एक करके शहर के 32 गंगा घाटों पर छठ महापर्व तक ही लगाना था

हनुमान घाट पर लगने वाला साइनेज बोर्ड फेंका मिला सड़क किनारे

स्टील फ्रेम व बोर्ड अलग-थलग होकर काली मंदिर परिसर में है पड़ा

फोटो संख्या 18 कैप्शन- काली घाट पर नीचे गिरा नगर परिषद का साइनेज बोर्ड।

बक्सर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। नगर परिषद द्वारा शहर के सभी गंगा घाटों पर छठ महापर्व तक साइनेज बोर्ड लगाने का दावा फिसड्डी साबित हुआ है। शहर के सारीमपुर से अहिरौली तक के रास्ते में पड़ने वाले काली घाट, हनुमान घाट व अन्य विस्तारित क्षेत्र के गंगा घाटों पर लगने वाले साइनेज बोर्ड अबतक नहीं लगाये गये है। करीब 28 हजार सात सौ की लागत से बनीं एक-एक साइनेज बोर्ड को सभी 32 गंगा घाटों पर छठ महापर्व तक लगना था। बावजूद वर्तमान में प्रमुख गंगा घाटों को छोड़ दें तो दूर-दराज के घाटों पर अबतक साइनेज बोर्ड नहीं लगे है। सभी जहां-तहां फेंक हुए है। हनुमान घाट पर लगने वाला साइनेज बोर्ड सड़क किनारे फेंका हुआ है। वहीं दूसरी तरफ काली घाट पर लगने वाले साइनेज बोर्ड का स्टील फ्रेम व बोर्ड अलग-थलग होकर मंदिर परिसर में फेंका हुआ है। इसके अलावा भी कई अन्य घाट पर भी साइनेज बोर्ड लगाने की बजाय फेंक दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि साइनेज बोर्ड जल्द खराब होकर कचरों में तब्दील हो जायेगा। इस गड़बड़झाला को देख लोग नगर परिषद से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी तक को शहरवासी खूब कोस रहे हैं।

नगर परिषद के सूत्रों ने बताया कि छठ महापर्व तक रामरेखा घाट, नाथबाबा घाट, गोला घाट, जैसे मुख्य घाटों पर साइनेज बोर्ड तो लगा दिया गया, कुछ घाटों पर छठ पूजा बाद भी साइनेज बोर्ड लगाया गया है। बता दें कि नगर परिषद ने छठ महापर्व से पहले सभी 32 गंगा घाटों पर साइनेज बोर्ड लगाने का निर्णय लिया था।

क्या कहतीं है मुख्य पार्षद

मुख्य पार्षद कमरून निशा ने बताया था कि महापर्व से पहले कच्चे घाटों की मिट्टी गीली होने से साइनेज बोर्ड लगाना कठिन था। पर्व बीत चुका है ऐसे में शेष बच गये गंगा घाटों पर जल्द साइनेज बोर्ड लगाने का कार्य शुरू किया जायेगा।

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