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ग्रामीण चिकित्सकों को बीमारियों की पहचान को मिला प्रशिक्षण

एक दिवसीय वीपीडी बीमारी की रोकथाम व इलाज की दी गई जानकारी परिवार नियोजन को लेकर ग्रामीणों को किया गया जागरुक फोटो संख्या 05 कैप्शन - शनिवार को डुमरांव पीएचसी में चल रहे ग्रामीण चिकित्सा प्रशिक्षण...

ग्रामीण चिकित्सकों को बीमारियों की पहचान को मिला प्रशिक्षण
हिन्दुस्तान टीम,बक्सरSat, 15 Jun 2024 08:30 PM
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एक दिवसीय
वीपीडी बीमारी की रोकथाम व इलाज की दी गई जानकारी

परिवार नियोजन को लेकर ग्रामीणों को किया गया जागरुक

फोटो संख्या 05 कैप्शन - शनिवार को डुमरांव पीएचसी में चल रहे ग्रामीण चिकित्सा प्रशिक्षण में भाग लेते डॉक्टर।

डुमरांव, निज संवाददाता। पीएचसी में डब्लूएचओ के तहत ग्रामीण चिकित्सकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में चिकित्सकों को डीवीपी के चिन्हित पांच बीमारियों के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही, परिवार नियोजन पखवारा को सफल बनाने के लिए जनसंख्या नियंत्रण के हर पहलू को समझाते हुए जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में बताया गया कि छह माह के अंदर 15 वर्ष के कम आयु के बच्चे के शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक कमजोरी और लुंज-पुंज, लकवे का लक्षण या किसी भी उम्र के व्यक्ति, जिसमें संदेह हो, उनके इलाज कैसे होगा। बुखार एवं शरीर पर लाल चकते होने पर उस व्यक्ति में खसरा और रूबेला का संदेह हो, इसे लेकर जानकारी दी गई। वहीं, बुखार, गले में दर्द एवं या टॉन्सिल का लाल होना या खांसी के साथ आवाज भारी होना, डार्क, ग्रे रंग का थक्का जमना या झिल्ली होने गलाघोंटू रोग बताया गया। कहा गया कि काली खांसी को टीबी न माना जाए, इसका उपचार सरल है। वहीं, नवजात को टेटनस होने के संबंध में विस्तार से उसके लक्षणों को बताया गया। प्रशिक्षण देने वालों में डीईओ डॉ. वीपी सिंह, एसएमओ डॉ. प्रेम पीवी, डॉ. आरबी प्रसाद व प्रशांत कुमार मौजूद रहे।

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