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प्रेम विवाह का विरोध करता है रामायण : रसिकजी

प्रवचन इटाढ़ी। प्रखंड के खतिबा ठोरा पुल स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में अयोध्या से पधारे श्रीराम रसिक महाराज ने शिव विवाह की चर्चा करते हुए कहा कि रामायण में चार विवाह की चर्चा की गई है। शिव...

प्रेम विवाह का विरोध करता है रामायण : रसिकजी
हिन्दुस्तान टीम,बक्सरSat, 25 May 2024 08:15 PM
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प्रवचन
इटाढ़ी। प्रखंड के खतिबा ठोरा पुल स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में अयोध्या से पधारे श्रीराम रसिक महाराज ने शिव विवाह की चर्चा करते हुए कहा कि रामायण में चार विवाह की चर्चा की गई है। शिव विवाह, राम विवाह, नारद विवाह व सूर्पनखा विवाह। जिनमें दो विवाह पूर्ण नहीं हुआ। पहला नारद और दूसरा सूर्पनखा विवाह। दोनों विवाह गोस्वामीजी को नहीं भाया। क्योंकि नारदजी विश्व मोहिनी की देख कर स्वयं विवाह के चक्कर में पड़ गए।

वहीं, सूर्पनखा भी रामजी को देखकर स्वयं विवाह का प्रस्ताव लेकर उपस्थित हो गई। रामजी के विवाह में विश्वामित्र बीच में थे। वहीं, शिवजी के विवाह में रामजी स्वयं जाकर शिव से प्रर्थना किए थे। तब भगवान शिव तैयार हुए। रसिकजी ने कहा कि विवाह वही सुखदायक होता है। जिसमें समाज के लोग मध्यस्ता करें। शिव विवाह के माध्यम से यह उपदेश दिया गया कि आज के बच्चे जो प्रेम विवाह कर रहे हैं। रामायण उस प्रथा का विरोध करता है। इस कुप्रथा से समाज को बचना चाहिए।

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