Buxar News: सावन में प्याज का उपयोग कम, भाव बढ़े ज्यादा
Buxar News: इस मौसम में प्याज के भाव बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। डुमरांव की मंडियों में प्याज की खुदरा कीमत 48 से 50 रुपये प्रति किलो हो गई है। प्याज की आवक में कमी और मांग में वृद्धि के कारण कीमतों में दबाव बना हुआ है। आलू के भाव भी बढ़कर 20 रुपये प्रति किलो हो गए हैं।

Buxar News: मंडियों में आवक घटी, 50 रुपये किलो पहुंची कीमत मौसम के उतार-चढ़ाव और बढ़ी ढुलाई लागत को कारोबारी बता रहे कीमत बढ़ने की वजह फोटो– डुमरांव, संवाद सूत्र। सावन माह में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के चलते कई घरों में प्याज का उपयोग भले ही बंद हो गया हो, लेकिन बाजार में प्याज के बढ़ते भाव ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है।
बढ़ती प्याज की कीमतें
कीमतों में आए उछाल से गृहिणियों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। डुमरांव की मंडियों में इन दिनों प्याज का खुदरा भाव 48 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं, थोक बाजार में प्याज चार हजार रुपये से 4400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी का असर रसोई से लेकर होटल और समारोहों के बजट तक दिखाई देने लगा है। प्याज कारोबारियों के अनुसार डुमरांव अनुमंडल की मंडियों में मुख्य रूप से इंदौर और नासिक से प्याज की आपूर्ति होती है। कारोबारियों का कहना है कि कुछ समय पहले तक यहां की मंडियों में प्रतिदिन 10 से 12 गाड़ी प्याज पहुंच रहा था। लेकिन कीमत बढ़ने के बाद आवक घटकर चार से पांच गाड़ी प्रतिदिन रह गया है। आवक कम होने और बाजार में मांग बने रहने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है। कारोबारियों के मुताबिक आगे भी आवक में सुधार नहीं हुआ तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। प्याज के थोक विक्रेता मो. रौशन, सरफराज के अनुसार मौसम में उतार-चढ़ाव और परिवहन यानी ढुलाई खर्च में बढ़ोतरी का असर भी प्याज की कीमत पर पड़ा है। दूर-दराज की मंडियों से माल मंगाने में बढ़ी लागत का भार अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। बताया जाता है कि सावन में कई परिवारों में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। साथ ही इस माह में मांस-मछली भी वर्जित है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जहां सामान्य दिनों की तरह प्याज का उपयोग करते है। गृहिणियों का कहना है कि प्याज के बिना कई सब्जियों का स्वाद फीका लगता है। पार्टी समारोह और घरेलू आयोजनों में भी प्याज की खपत बनी रहती है। ऐसे में बढ़ती कीमत सीधे रसोई के बजट पर असर डाल रही है। पहले जहां एक साथ कई किलो प्याज खरीदा जाता था, अब लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं।
सलाद की प्लेट से गायब प्याज
प्याज की कीमत बढ़ने का असर सलाद की प्लेट पर भी दिखने लगा है। भोजन के साथ सलाद में प्याज को पसंद करने वाले लोग अब इसकी मात्रा कम करने लगे हैं। बाजार में खरीदारी करने पहुंची गृहणी रीना कुमारी, शांति देवी, सरोजिनी आदि का कहना है कि सब्जियों के साथ-साथ सलाद में भी प्याज की जरूरत पड़ती है। ऐसे में 45 से 50 रुपये किलो की कीमत घरेलू खर्च को बढ़ा रही है। लोगों का कहना है कि प्याज के भाव में अचानक आई तेजी ने बिना प्याज खाए ही आंखों में आंसू ला दिया हैं। आम उपभोक्ताओं को अब कीमतों में जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। आलू के भी बढ़े भाव, 20 रुपये किलो पहुंची कीमत: प्याज की बढ़ती कीमत के बीच अब आलू के भाव में भी तेजी देखने को मिल रही है। डुमरांव के खुदरा बाजार में आलू इन दिनों करीब 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। रोजमर्रा की सब्जियों में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले आलू की कीमत भी बढ़ने से गृहिणियों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। दुकानदारों के अनुसार मंडियों में आवक और मांग के बीच अंतर के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है। वहीं, परिवहन खर्च बढ़ने का असर भी खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि पहले से ही प्याज के बढ़े भाव ने रसोई का बजट बिगाड़ रखा है। अब आलू के दाम बढ़ने से परेशानी और बढ़ गई है। (डुमरांव से अमरनाथ केशरी)


