देशव्यापी हड़ताल के तहत जिले में ट्रेड यूनियनों ने खोला मोर्चा
बक्सर में मजदूर संगठन और शिक्षक-कर्मचारी ने हड़ताल के तहत धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने लेबर कोड्स को रद्द करने, मनरेगा की वापसी और निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाई। पूर्व विधायक डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि श्रम कानूनों का खत्म होना श्रमिकों के अस्तित्व के लिए खतरा है। प्रदर्शन में कई नेता शामिल हुए।

शहर के ज्योति चौक, सिविल सर्जन सहित कई कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन मजदूर संगठन किसान महासभा, शिक्षक व कर्मचारी गोपगुट खुलकर आए सामने फोटो- कैप्सन बक्सर, हमारे संवाददाता। देशव्यापी हड़ताल के तहत जिले में ट्रेड यूनियनों ने जमकर मोर्चा खोला। जिले के सरकारी कार्यालयों के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर मार्च निकाला। जिस कारण मुख्य चौक-चौराहों पर कुछ देर के लिए जाम की स्थित पैदा हो गए थे। इस कड़ी में भाकपा-माले, माकपा ने लेबर कोड्स रद्द करने, मनरेगा वापसी और गुलामी थोपने वाली भारत-अमेरिका डील रद्द करने की मांग की। साथ ही इस दौरान कहा गया कि ट्रेड यूनियनो को हड़ताल और यूनियन बनाने का अधिकार छीनना नहीं चलेगा।
साथ ही सरकार लगातार अंधाधुंध निजीकरण कर रही है। इस परिपाटी को बंद किया जाए। इन मांगों को लेकर डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ़ अजीत सिंह व पूर्व सांसद तेज नारायण सिंह भी सड़कों पर उतरें। इस दौरान डॉ़ अजीत सिंह ने कहा कि अब तक मजदूरों को कानूनी सुरक्षा और कुछ अधिकार देने वाले सभी 29 श्रम कानून को खत्म कर दिया जाए। चार लेबर कोड मजदूरों को मालिक के गुलाम बना देगें। श्रमकोड श्रमिकों के बड़े हिस्सों को मजदूर के दायरे से बाहर कर देगें। उनके अस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा। इस अवसर पर नवीन कुमार, ज्योतिश्वर सिंह, जितेन्द्र सिंह, परमहंस सिंह, गंगासागर यादव, कन्हैया पासवान, नारायण दास , ललन राम, क्षितिज केसरी, जगनारायण शर्मा, भगवान दास, शिव शंकर तिवारी सहित अन्य मौजूद थे। इनसेट में सिविल सर्जन के समक्ष किया आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन बक्सर। आशा फैसिलिटेटर संघ गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व अरुण कुमार ओझा ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं में कहा कि विगत 6 माह से आशा फैसिलिटेटर को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि बंद है। इन सभी से शराबबंदी ग्रह कलह रोकना, किसानों का निबंध, आयुष्मान कार्ड बनाना जैसे अन्य कई काम आशा कार्यकर्ताओं से लिया जा रहा है। बावजूद भुगतान लंबित रखना घोर मानव एवं मजदूर विरोधी कार्य है। इस अवसर पर मनोज चौधरी, महावीर पंडित, मीरा कुमारी, डैजी देवी, मंजू कुमारी, मीरा कुमारी, दुर्गावती देवी, सहित अन्य मौजूद थे। इनसेट में पीएम व डोनाल्ड ट्रंप को फूंका पुतला बक्सर। शहर के अंबेडकर चौक पर किसान विरोधी ट्रेड डील के विरोध में पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतला दहन हुआ। जिसका नेतृत्व किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बबलू यादव ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के पीएम अपने कुछ मित्र अडानी एवं अंबानी को फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रहे है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर ये डील हुआ है। यह डील हमारे देश के खेती-मजदूरी ही नहीं है। बल्कि हर तरह के पैदावार-उत्पादन, काम-कारोबार और रोजगार के खिलाफ है। इस अवसर पर शेषनाथ सिंह, देवेंद्र सिंह राजेश कुमार सिंह, संतोष भारती, त्रिलोकी खरवार, धनपति चौधरी, विनोद यादव, प्रेम यादव, भाई विवेक कुमार, सतेंद्र आजाद, तुषार विजेता, सरफराज सैयफी ,परशुराम शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


