
जितिया पर्व को लेकर भीड़ से शहर में लग रहा जाम
माताएं कल, यानी 14 सितंबर को संतान की दीर्घायु और सलामती के लिए निर्जला व्रत करेंगी। ज्वेलरी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ है, जो नए जिउतिया की खरीदारी कर रही हैं। यह पर्व पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार...
उत्साह संतान की दीर्घायु को माताएं कल करेंगी निर्जला व्रत खासकर ज्वेलरी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ बक्सर, रघुनाथपुर। कल यानी 14 सितंबर को संतान की दीघायू और सलामती के लिए किया जाने वाला जितिया पर्व पर माताएं निर्जला व्रत करेंगी। इसे लेकर सोने-चांदी की दुकानों सहित जितिया गुथवाने के लिए दुकानों पर पूरे दिन लोगों की भीड़ रह रही है। इस दौरान नगर के मेन रोड, मुनीम चौक रोड, ठठेरी बाजार रोड, पीपी रोड, रामरेखाघाट सहित अन्य मार्गो में थोड़ी-थोड़ी देर पर जाम की समस्या उत्पन्न हो जा रही है। जिसके चलते वाहन चालकों सहित राहगीरों को आवागमन के दौरान परेशानी झेलनी पड़ रही है।

रघुनाथपुर एक संवाददाता के अनुसार संतान की दीर्घायु, सुख- समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और संतान प्राप्ति की कामना से माताएं कल यानी रविवार 14 सितंबर को निर्जला व्रत रखेंगी। जो अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाईं जाती है। जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर बाजार में खासकर ज्वेलरी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जुट रही है। कुछ महिलाएं अपने लिए नये जिउतिया की खरीदारी कर रही है। वहीं, कई महिलाएं अपने पुराने जिउतिया को नये धागे में पिरोने का काम करा रही हैं। सभी महिलाएं अपने बजट के अनुसार जीवित्पुत्रिका व्रत की तैयारियां करती दिखीं। व्रत से संबंधित तीन कथाएं प्रचलित हैं। पहली कथा के अनुसार जीमूतवाहन, जो नाग वंश की रक्षा के लिए स्वयं को पक्षीराज गरुड़ के समक्ष अर्पित कर देते हैं। दूसरी कथा महाभारत काल की है। जिसमें पांडवों की पुत्रवधू उत्तरा के अजन्मे बालक को बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सारे पुण्य फल उस बालक को दे देते हैं। तीसरी कथा चिल्हो सियारो की है। इस कथा में वर्णित घटनाओं के आधार पर ही इस व्रत का नाम जीवित्पुत्रिका रखा गया। यह पर्व खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में मनाया जाता है।

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