पारा @ 45 : आसमान से रोज बरस रही आग
जानलेवा गर्मी के चलते इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक बेहाल सुबह दस बजते ही सड़कों पर पसर जाता है सन्नाटा, वीरान हो जाते हैं बाजार बक्सर, हिन्दुस्तान संवाददाता। भीषण गर्मी के चलते इंसान क्या पशु-पक्षियों...

जानलेवा गर्मी के चलते इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक बेहाल सुबह दस बजते ही सड़कों पर पसर जाता है सन्नाटा, वीरान हो जाते हैं बाजार बक्सर, हिन्दुस्तान संवाददाता। भीषण गर्मी के चलते इंसान क्या पशु-पक्षियों का जीना मुश्किल हो गया है। लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेब के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। शुक्रवार को भी आसमान से आग बरसती रही। पारा 45 डिग्री के आस-पास रहा। घर से बाहर निकलते ही चमड़ी जला देने वाली प्रचंड धूप और गर्म हवा। हालात ऐसे हैं कि सुबह दस बजते ही शहरों की सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं। बाजारों में भी सन्नाटा पसर जाता है।
लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दिन भर लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। घरों की खिड़कियां दिन भर बंद रहती हैं। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए एसी व कूलर का सहारा ले रहे हैं। बाजार में एसी और कूलर की बिक्री में भी काफी इजाफा हुआ है। इंसान तो किसी तरह जुगत लगा गर्मी का सामना कर ले रहा है, लेकिन जंगली पशुओं और पक्षियों की जान पर आफत बन चुका है मौसम का यह गर्म मिजाज। लगातार हो रही प्रचंड धूप के चलते ताल-तलैया, आहर-पोखर सूख चुके हैं। पशु-पक्षियों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। पानी की तलाश में हिरण, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे पशु इंसानी बस्तियों तक पहुंच रहे हैं। शर्बत और कोल्ड ड्रिंक का बाजार गर्म गर्मी के चलते शरीर से दिन भर पसीना निकलता रहता है। इसके चलते प्यास ज्यादा लगती है। घरों से बाहर निकलने वालों को थोड़ी-थोड़ी देर पर ही पानी की जरूरत महसूस होती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बेल के शर्बत, सत्तू, नींबू पानी और कोल्ड ड्रिंक्स की मांग काफी बढ़ गई है। शहर में जगह-जगह शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखाई देती है। खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज की भी खूब बिक्री हो रही है। हीट वेब की चपेट में आए तो बढ़ सकती है परेशानी डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। रेलवे के एडीएमओ डॉ हरिओम पाठक ने बताया कि हीट वेब की चपेट में आने पर परेशानी बढ़ सकती है। व्यक्ति डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है। शरीर तपने लगता है। काफी तेज बुखार आता है। कभी-कभी मरीज होश खो देता है। इससे बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। तैलीय व मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए। दोपहर में घर से बाहर न निकलें। बाहर निकलने पर सिर से लेकर पैर तक ढंककर रखें। तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मरीज को तत्काल योग्य चिकित्सक के पास ले जाएं। इस बीच बर्फ से उसका शरीर पोंछते रहें। संभव हो तो ठंडे पानी से नहलाएं।


