महाशिवरात्रि : आज हजारों श्रद्धालु करेंगे बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ का जलाभिषेक
महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा ब्रह्ममेश्वर नाथ मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। श्रद्धालु शनिवार से मंदिर में पहुंचना शुरू कर देंगे, और पूजा विधिवत रात 2 बजे प्रारंभ होगी। इस दिन विशेष ज्योतिषीय योग का भी महत्व है।

पेज-04 की लीड महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर को बड़े ही आकर्षक ढंग से सजाया गया है प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा किए गए प्रबंध फोटो-21, कैप्सन:- बाबा ब्रह्ममेश्वर नाथ मंदिर का प्रवेश द्वार ब्रह्मपुर, निज संवाददाता। महाशिवरात्रि पर रविवार को बाबा ब्रह्ममेश्वर नाथ को जलाभिषेक के लिए आस्था का जन सैलाब उमडेगा। दूर दराज के क्षेत्र से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शनिवार की दोपहर से शुरू हो गया है। मध्य रात्रि 2:00 बजे के बाद मंदिर में पूजा अर्चना तथा जलाभिषेक का कार्य विधिवत तरीके से प्रारंभ हो जाएगा। जो रविवार को देर शाम तक चलता रहेगा।
मंदिर में प्रशासन की ओर से इस बार भी लाइन में लगाकर मुख्य दरवाजा उतरी भाग से श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जाएगा। वही वहीं पश्चिमी द्वारा से निकास का प्रबंध रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर तथा मेला क्षेत्र में तीन सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए रहेंगे। वही मंदिर के भीतरी भाग, प्रवेश व निकास द्वारा सहित परिसर के विभिन्न भाग तथा पूरे क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक मजिस्ट्रेटों के बीच तैनाती की गई है। इसके अलावा मंदिर जाने वाले सभी रास्तों पर सभी तरह के वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहेगा। इसके लिए 11 अलग-अलग स्थानों पर इसके लिए ड्राप गेट बनाया गया है। जहां मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारी व जवान तैनात रहेंगे। मंदिर तथा पूरे परिसर में लगाए गए दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरा के द्वारा भीड़ पर नजर रखी जाएगी। मंदिर के पास एक नियंत्रण कक्ष भी कार्य करेगा जहां मेडिकल की टीम भी मौजूद रहेगी। शिव सरोवर तालाब की घेराबंदी कर वहां गोताखोर तैनात रहेंगे। इनसेट में महाशिवरात्रि आज, मंदिरों में होगा शिव शक्ति का मिलन फोटो-22, कैप्सन :- डुमरांव के बाबा जंगली नाथ महादेव मंदिर के गर्भ में सजा मंडल डुमरांव, संवाद सूत्र। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ने वाला यह पावन पर्व भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी शिवालयों में अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजने को तैयार है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन हुआ था। इस अवसर पर श्रद्धालु निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना के साथ व्रत रखती हैं। शहर के बाबा जंगलीनाथ महादेव मंदिर, महरौरा शिव मंदिर, महाकाल मंदिर, लंगटू महादेव, शहीद पार्क शिव मंदिर, छठिया पोखरा शिव मंदिर के अलावे मुंगांव के मुंगेश्वर नाथ शिव मंदिर, कोरानसराय के कचैनिया स्थित कंचनेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालु पहुंचेंगे। शुभ संयोग में करें पूजा-अर्चना: आचार्य पं. विंध्याचल ओझा ने बताया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि पर महालक्ष्मी योग और लक्ष्मी-नारायण योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुंभ राशि में सूर्य और राहु का गोचर, वहीं बुध और शुक्र की युति से महालक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:00 बजे से शाम 07:48 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ, दान एवं नए कार्यों के लिए अत्यंत शुभ है। रुद्राभिषेक के लिए यह समय श्रेष्ठ माना गया है। इसके पश्चात श्रवण नक्षत्र का प्रारंभ होगा, जो शिव साधना के लिए और भी अनुकूल समय माना जाता है। इस दिन राहु शांति एवं कालसर्प दोष शांति अनुष्ठान कराना भी शुभ रहेगा। वहीं डीएसपी पोलस्त कुमार ने बताया कि महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की विशेष सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की गई है। ब्रह्मपुर शिव मंदिर, महरौरा शिव मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर सहित अन्य भीड़भाड़ वाले मंदिरों में बैरिकेडिंग के साथ महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। इसके लिए पुलिस बलों को ब्रीफिंग किया गया है।
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