सदर अस्पताल में जानबूझकर डॉक्टर नहीं लिखे बाहर की दवाईयां

सदर अस्पताल में जानबूझकर डॉक्टर नहीं लिखे बाहर की दवाईयां

संक्षेप:

बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्रा ने सदर अस्पताल का निरीक्षण करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है। उन्हें बाहर भेजने की प्रथा को समाप्त करने की आवश्यकता है। कुछ कर्मचारी अनधिकृत रूप से मरीजों को निजी अस्पतालों में भेज रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के उचित उपयोग की बात की और ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।

Dec 10, 2025 08:08 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बक्सर
share

बोले विधायक मरीजों का किया जाए बेहतर इलाज, जबरन बाहर भेजने पर होगी कार्रवाई राज्य सरकार दे रही आधुनिक सुविधा, अस्पताल प्रबंधन करें सही उपयोग बक्सर, हमारे संवाददाता। सदर अस्पताल में जो भी मरीज अपना इलाज कराने के लिए आ रहे है। उन्हें बेहतर सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें बाहर की दवा लिखी जा रही है। खून जांच, एक्सरे, सिटी स्कैन के लिए मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है। जबकि यह सभी सुविधाएं सदर अस्पताल में मौजूद है। इस परिपाटी को बंद किया जाए। उक्त बातें सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सदर विधायक आनंद मिश्रा ने कहीं। कहा कि सदर अस्पताल में कई ऐसे कर्मी है जिनका अस्प्ताल के बाहर कोई न कोई सेंटर चल रहा है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

जहां किसी ने किसी माध्यम से मरीजों को भेजा रहा है। इस एक सप्ताह के अंदर बंद किया जाए। या कर्मी बाहर सेंटर चलाये अपनी नौकरी छोड़ दें। यदि एक सप्ताह के अंदर यह बंद नहीं हुआ। तब ऐसे कर्मियों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। अक्सर यह देखने को मिल रहा है कि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाता है। परंतु एबुलेंस चालक उसे निजी अस्पताल में लेकर चले जाते है। जहां उनका शोषण होता है। ऐसे में जो भी एबुलेंस चालक मरीजा को लेकर जाते है। उसे ट्रैक किया जाए। जिससे मरीज गलत जगह नहीं जा सके। इसके लिए सभी की भागीदारी जरूरी है। सदर विधायक आनंद मिश्रा ने सिविल सर्जन डॉ़ शिव कुमार प्रसाद चक्रवर्ती से कहा कि कई ऐसे चिकित्सक है जो लंबे समय से अनाधिकृत रूप से गायब है। वह न तो खुद कार्य कर रहे है और न दूसरे को कार्य करने दे रहे है। ऐसे चिकित्सकों की सूची बनायी जाए। उन्होंने विभाग को भेजा जाए। ताकि ऐसे डॉक्टरों को पद से हटाया जाए। उनके स्थान पर दूसरे डॉक्टरों की बहाली की जाए। उनके गायब रहने से मरीजों पर असर पर पड़ता है। उनकी इलाज नहीं हो पाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जो भी सुविधाएं दी जा रही है। उसका समुचित उपयोग किया जाए। एनडीए सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में ध्यान दी है। लेकिन, सदर अस्पताल में उस अनुरूप मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।