
मानवाधिकारों के बिना स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की कल्पना असंभव
युवा के लिएयुवा के लिए ----------- कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय मानवता दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित संवैधानिक कर्तव्यों और मानव गरिमा की महत्ता से कराया गया अवगत डुमरांव, संवाद सूत्र।...
युवा के लिए ----------- कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय मानवता दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित संवैधानिक कर्तव्यों और मानव गरिमा की महत्ता से कराया गया अवगत डुमरांव, संवाद सूत्र। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर स्थानीय महारानी उषारानी बालिका उच्च विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित थीं। इस आयोजन को जिला जज हर्षित सिंह और अवर न्यायाधीश नेहा दयाल के मार्गदर्शन में पैनल अधिवक्ता मनोज कुमार श्रीवास्तव व पीएलवी अनीशा भारती द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सचिन्द्र कुमार तिवारी और मंच संचालन सुनील कुमार ने किया।
मानवाधिकार दिवस के महत्व पर विस्तार से बताते हुए अधिवक्ता ने कहा कि विश्वभर में दस दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। मानवाधिकारों के बिना स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की कल्पना असंभव है। कहा कि मानवाधिकार दिवस लोगों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति आयोग राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में मानवाधिकार संरक्षण से संबंधित कार्य करता है। वहीं पीएलवी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानवाधिकार दिवस यह याद दिलाता है कि सभी मनुष्य समान हैं सभी को समान अवसर व अधिकार मिलने चाहिए। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने मानवाधिकार संरक्षण और संवैधानिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प लिया।

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