पेन किलर खाने से बढ़ रही लोगों में किडनी की समस्या
बक्सर में किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण एंटीबायोटिक और पेन किलर का दुष्प्रभाव है। पिछले वर्ष 870 मरीजों ने कैश देकर डायलिसिस कराया। डॉक्टरों का कहना है कि कम पानी पीने और बिना जानकारी के दवाओं के उपयोग से समस्या बढ़ रही है।

पेज-03 की लीड ----------- दुष्प्रभाव पिछले साल में कैश राशि देकर 870 मरीजों ने कराया है डायलिसिस, शेष राशन कार्डधारी डुमरांव के सिमरी और कोरानसराय के लोगों की संख्या अधिक पूरी जानकारी के बगैर धड़ल्ले से पेन किलर का उपयोग नहीं करें 04 साल में 11 हजार 525 मरीजों का डायलिसिस फोटो संख्या 20, कैप्शन-सदर अस्पताल में डायलिसिस के लिए भर्ती मरीज। बक्सर, हमारे संवाददाता। जिले में किडनी की बीमारी लगातार बढ़ते जा रही है। इसका मुख्य कारण अधिक एंटीबायोटिक व पेन किलर का दुष्प्रभाव बताया जा रहा है। साथ ही कम पानी का उपयोग भी है। किडनी फेल होने का मुख्य कारण आमतौर पर लोग मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर को मानते है।
वर्तमान समय में किडनी फेल होने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले वर्ष सदर अस्पताल स्थित सेंटर में 3963 मरीजों का डायलिसिस हुआ था। जबकि कई ऐसे मरीज है जो अपना डायलिसिस यहां नहीं कराते है। बल्कि हायर सेंटर में कराते है। इसलिए यह संख्या और अधिक ही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सेंटर पर दो तरह के मरीज आते है। एक जो सीधे कैश देकर अपना डायलिसिस कराते है। जबकि सरकार के नियमानुसार जिन मरीजों के पास राशन कार्ड होता है। उन्हें बहुत राशि व्यय करनी पड़ती है। राशन कार्डधारी मरीजों की संख्या यहां अधिक है। सदर अस्पताल स्थित डायलिसिस सेंटर के प्रभारी डॉक्टर आलम ने बताया कि शरीर में किसी भी तरह का दर्द होने पर लोग मेडिकल स्टोर से पूरी जानकारी के बगैर धड़ल्ले से पेन किलर का उपयोग कर लेते है। साथ ही एंटीबायोटिक के इस्तेमाल में किसी तरह का परहेज नहीं किया जाता है। बिना डॉक्टर की सलाह का इसका उपयोग मरीज कर ले रहे है। जो जानलेवा साबित हो रहा है। यह दवाएं सीधे किडनी पर असर डाल रही है। जिससे किडनी फेल हो रही है। किडनी पर असर का मुख्य कारण कम पानी डॉक्टर आलम ने बताया किडनी पर असर का मुख्य कारण कम पानी का उपयोग भी है। अधिक पानी पीना चाहिए। गंदगी व दूषित पानी से परहेज करें। यह भी सीधे किडनी पर असर डालता है। वर्तमान समय में कम उम्र के युवक-युवतियां भी किडनी की बीमारी से ग्रसित हो रहे है। वह अपना डायलिसिस कराने के लिए आ रहे है। डॉक्टर आलम ने आलम ने बताया कि पिछले कुछ समय से डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र के कोरानसराय व सिमरी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहां के मरीज साफ पानी का उपयोग नहीं कर रहे है। साथ ही किसी दर्द या बीमारी के लिए एंटीबायोटिक का उपयोग कर ले रहे है। वर्ष 22 में राशन कार्डधारी मरीजों की संख्या 1564 वर्ष 2022 में राशन कार्डधारी मरीजों की संख्या 1564 थी वहां कैश देकर कराने वालों की संख्या 153 थी। इस तरह से कुल 1717 मरीजों का डायलिसिस हुआ था। वहीं वर्ष 2023 में राशन कार्डधारी मरीजों की संख्या 2387 थी। वहीं कैश वाले मरीजों की संख्या 186 थी। कुल 2573 मरीजों का डायलिसिस हुआ था। वर्ष 2024 में राशन कार्डधारी मरीजों की संख्या 3273 था। वहीं कैश वाले मरीजों की संख्या 265 कुल 3538 मरीजों का डायलिसिस हुआ था। वर्ष 2025 में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। राशन कार्डधारी मरीजों की संख्या 3697 थी वहीं कैश वाले मरीजों की संख्या 266 रही। इस वर्ष कुल 3963 मरीजों का डायलिसिस बेहतर तरीके से हुआ था।
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