मनरेगा का काम ठप होने से पंचायत प्रतिनिधियों की बढ़ी परेशानी
पेज चार के लिएपेज चार के लिए --------- समस्या नई योजना के लिए केंद्र सरकार ने राशि आवंटित नहीं की कार्य नहीं होने से चुने हुए वोट बैंक बिगड़ने की संभावना बक्सर, हमारे संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्र में...

पेज चार के लिए --------- समस्या नई योजना के लिए केंद्र सरकार ने राशि आवंटित नहीं की कार्य नहीं होने से चुने हुए वोट बैंक बिगड़ने की संभावना बक्सर, हमारे संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्र में विकास की अहम भूमिका मनरेगा योजना की होती थी। इसके तहत श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार मिलता था। इससे श्रमिकों का पलायन पर रोक लगती थी। परंतु केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना का नाम परिवर्तित कर करते जीरामजी कर दिया है। पुरानी योजना बंद हो चुकी है और नई योजना के लिए केंद्र सरकार ने राशि आवंटित नहीं की है। ऐसे में जिले के सभी पंचायतों में ग्राम सभाएं कर योजनाएं नहीं ली जा रही है।
जिस कारण कई विकास कार्य रूके हुए है। इसका असर त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों पर भी पड़ रहा है। क्योंकि जल्द चुनाव भी होने वाला है। ऐसे में विकास कार्य नहीं होने से चुने हुए जनप्रतिनिधियों का वोट बैंक बिगड़ने की संभावना है। वहीं इस संबंध में कई पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि जीरामजी योजना से किस तरह से कार्य कराना है। इसका कोई गाइडलाइन अभी नहीं आया है। यदि ग्राम सभा के माध्यम से योजना ली जाएं और कार्य कराना शुरू कर देते है तो वह कार्य गाइड लाइन के अनुसार नहीं होगा। मजदूरों के खाता में राशि भुगतान की समस्या हो जाएगी। मजदूरों को उनका मेहनताना नहीं मिल पायेगा। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि श्रमिकों को कार्य नहीं मिल पा रहा है। हर दिन कार्य के लिए वह लोग आ रहे है। इसका असर चुनाव पर भी पड़ सकता है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक वह लोग लगातार चक्कर लगा रहे है। परंतु स्पष्ट कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो रही है। वहीं इस संबंध में डीपीएम संदीप मौर्य ने बताया कि विभाग से पत्राचार किया गया है। गाइडलाइन प्राप्त होते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


