Buxar News: खेत की उर्वरता बनाए रखना किसानों के लिए बड़ी चुनौती
Buxar News: किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र लालगंज में 15 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। मुख्य फोकस समेकित पोषक तत्व प्रबंधन है। इससे मृदा बेहतर स्वास्थ्य के साथ उर्वर बनी रहेगी और रसायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। इस कार्यक्रम में बक्सर और आसपास के क्षेत्रों से 40 किसानों ने भाग लिया।

Buxar News: उपादान मृदा को संरक्षित करने के बारे में किसानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण 40 किसानों का प्रन्द्रह दिवसीय प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र में शुरू फोटो संख्या 12 कैप्शन - सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय प्रशिक्षण मे भाग लेते किसान। बक्सर, हमारे संवाददाता। किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र लालगंज में 15 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ।
प्रशिक्षण का उद्देश्य
मुख्य फोकस उपादान विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन है। जिससे मृदा बेहतर स्वास्थ्य के साथ उर्वर बनी रहे। मृदा को जल प्रदुषण से बचाया जा सके। रसायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम किया जा सके। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के निर्देशन पर किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदघाटन डीएओ धर्मेंद्र कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. देवकरन ने संयुक्त रूप से किया।
किसानों के लिए जानकारी
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. देवकरन ने कहा कि बढ़ती आबादी, घटते खेत एवं प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन हो रहा है। इससे खेत की उर्वरता को टिकाऊ बनाये रखना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है। अधिक उत्पादन प्राप्त करने और उर्वरको के अंधाधुंध प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति में ह्रास हो रहा है। जिसका प्रमुख कारण अज्ञानतावश उर्वरकों का असंतुलित एवं अधिक प्रयोग करना शामिल है। अतः पौधों के लिए पोषक तत्वों का एकीकृत प्रबंधन एवं उर्वरकों का संतुलित प्रयोग की जानकारी अति आवश्यक है। डीएओ धर्मेंद्र कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा की पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी किसानों को होनी चाहिए। तभी वह बेहतर खेती कर सकते है। अधिक पैदावार होने पर किसानों को अधिक मुनाफा होगा। इसके लिए जरूरी है कि समय पर सही व संतुलित मात्रा में खाद एवं उर्वरको के प्रयोग किया जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के विवरण
15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. रामकेवल ने बताया कि इसमें 6 महिलाओं सहित बक्सर, सिमरी, डुमरांव, राजपुर, चक्की, ब्रह्मपुर, चौसा प्रखंडों से कुल 40 लोग प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण में सैधांतिक व व्यावहारिक ज्ञान के साथ साथ कौशल विकास एवं एक्सपोजर विजिट भी कराया जाएगा। इसमें लगभग 42 सैधांतिक एवं 8 प्रयोगात्मक व्याख्यान होंगे। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र, वीर कुवर सिंह कृषि महाविद्यालय डुमरांव के अनुभवी वैज्ञानिक प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में रवि चटर्जी, राकेश मणि, आरिफ परवेज, सरफराज अहमद खान, राजेश कुमार राय का अहम योगदान है।
सामान्य प्रश्नों का उत्तर
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


