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एकौनी-सिद्धिपुर सड़क जर्जर, जानलेवा बना आवागमन

परेशानी एकौनी सिद्धी से पीड़िया गांव को जोड़ने वाली सड़क जर्जर 2010 में यह बनी थी सड़क, आजतक नहीं कराई मरम्मत फोटो संख्या 06 कैप्शन - एकौनी व पीड़ियां गांव को जोड़ने वाली जर्जर सड़क। डुमरांव, निज...

एकौनी-सिद्धिपुर सड़क जर्जर, जानलेवा बना आवागमन
हिन्दुस्तान टीम,बक्सरSun, 03 Dec 2023 09:30 PM
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परेशानी
एकौनी सिद्धी से पीड़िया गांव को जोड़ने वाली सड़क जर्जर

2010 में यह बनी थी सड़क, आजतक नहीं कराई मरम्मत

फोटो संख्या 06 कैप्शन - एकौनी व पीड़ियां गांव को जोड़ने वाली जर्जर सड़क।

डुमरांव, निज संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। कई सड़कें ऐसी हैं, जो बन गई। लेकिन, उसके बाद रख-रखाव और मरम्मत की ओर किसी का ध्यान नहीं है। नतीजतन, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई है। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका नामोनिशान तक मिट गया है। ताजा मामला एकौनी सिद्धी महुआ से पीड़िया गांव की जोड़ने वाली सड़क का है। सड़क वर्ष 2010 में बनी थी। लेकिन, समयानुसार देखरेख और मरम्मत नहीं होने से अब यह सड़क इस कदर जर्जर हो गई है कि लोगों का आवागमन दूभर हो गया है। सड़क पूरी तरह गढ्ढे में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर पैदल चलना भी अब खतरनाक हो गया है।

सड़क से जुड़ी है आठ हजार की आबादी

इस मार्ग में दो बड़े गांव एकौनी और पीड़िया हैं। एकौनी की आबादी 4 हजार व पीड़िया की आबादी करीब 3 हजार है। अन्य छोटे गांव और टोलों को मिला दिया जाए तो 10 हजार की आबादी इस सड़क से जुड़ी है। ग्रामीण बिशोकाचंद्र, महेन्द्र यादव, वकील राम, अनिल राम, सुखारी गोंड, रिपुल चौधरी, विकास चौबे, मदन ओझा, छोटेलाल यादव, निठाली शर्मा, इंद्रजीत साह, बरफाती अंसारी का कहना है कि गढ्ढेनुमा सड़क के चलते कोई गांव में बाहर से आना नहीं चाहता हैं। कोई बीमार पड़ जाए तो अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। खासकर, गर्भवती महिलाओं ज्यादा परेशानी होती है।

500 मजदूर मजदूरी करने आते हैं शहर

इस सड़क से जुड़े गांव के लोग अधिकांश मजदूर वर्ग के हैं। जो प्रतिदिन शहर में मजदूरी करने आते हैं। मजदूरों ने बताया कि सड़क जर्जर होने से साइकिल से आवागमन करना जोखिम भरा बन गया है। जिसके चलते पैदल गांव से शहर आना-जाना पड़ता है। ग्रामीण सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं।

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