पैगाम-ए-मोहब्बत के साथ अदा हुई बकरीद की नमाज

हिन्दुस्तान, बक्सर
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उल्लास नगर सहित पूरे जिले में बकरीद का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मुस्लिम समुदाय ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और नमाज के बाद दुआएं मांगी। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और विभिन्न मस्जिदों में हजारों लोग एकत्रित हुए। पर्व का संदेश त्याग और बलिदान के साथ भाईचारे को बढ़ावा देना है।

पैगाम-ए-मोहब्बत के साथ अदा हुई बकरीद की नमाज

पेज चार की लीड ---------- उल्लास नगर सहित पूरे जिले में गुरूवार को उल्लास के साथ मना बकरीद का पर्व, मुस्लिम बहुल गांवों, शहरों व कस्बों में खुशी का माहौल त्योहार को लेकर मुस्लिम बहुल गांवों और शहरों में रहा खुशी का माहौल गिले-शिकवे मिटाकर लोगों ने एक दूसरे को लगाया गले, दी मुबारकबाद 05 बजे सुबह से ही तैयारियों में जुटे थे लोग 11 बजे रात तक मना बकरीद पर्व का जश्न फोटो संख्या- 08, कैप्सन- गुरुवार को बड़ी मस्जिद के पास बकरीद की नमाज अदा करने के बाद एक दूसरे से गले मिलते लोग। फोटो संख्या- 09, कैप्सन- गुरुवार को बकरीद के अवसर पर बड़ी मस्जिद के पास सुरक्षा में तैनात एसडीपीओ गौरव पांडेय व पुलिसकर्मी। फोटो संख्या- 10, कैप्सन- गुरुवार को बड़ी मस्जिद के पास बकरीद के अवसर पर नमाज अदा कर दुआ मांगते लोग। बक्सर, निज प्रतिनिधि। त्याग, बलिदान व समपर्ण का पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरूवार को पूरे जिले में उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर मुस्लिम बहुल गांवों, शहरों व कस्बों में खुशी का माहौल कायम था। अकीदतमंद अहले सुबह से ही पर्व की तैयारियों में जुट गए थे। अपने-अपने घरों की साफ-सफाई के साथ मुहल्ले की गलियों व सड़कों की भी सफाई वे उत्साह से करते दिखे। सफाई के बाद अकीदतमंद जहां कुर्बानी के बकरों को नहलवाने की रस्म अदायगी की। वहीं, घर की महिलाएं सेवईं सहित अन्य पकवान बनाने की तैयारियों में जुटी हुई थी।

बकरीद की नमाज

शहर के विभिन्न इबादतगाहों के साथ जिले के डुमरांव, चौसा, नावानगर, राजपुर, सिमरी, इटाढ़ी, ब्रह्मपुर, चौगाईं, चक्की व केसठ प्रखंड में नमाज अदा करने के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किए गए थे। समय को ध्यान में रख लोग नहा-धोकर अपने नजदीक के ईबादतगाहों का रूख करने लगे। बकरीद की नमाज अदा करने के लिए इबादतगाहों में काफी तादात में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी थी। बाद में पहुंचने वाले लोगों को नमाज अदा करने में काफी परेशानी हुई। कई लोग जगह के अभाव में दरवाजे के बाहर ही खड़े होकर नमाज अदा किए। नमाज से पूर्व नगर स्थित जामा मस्जिद के इमाम मौलाना शाहबाज अमजदी ने नमाजियों को ईद-उल-अजहा की अहमियत से रूबरू कराते हुए कहा कि बकरीद त्याग और बलिदान के साथ समाज में आपसी मेल-मिलाप व भाईचारे को बढ़ावा देने का पैगाम देता है। अकीदतमंद, इस रास्ते को अपनाकर ईब्राहिम अलहिस्सलाम की सुन्नत अदा कर सकते हैं।

दुआ और सामूहिक नमाज

देश-दुनिया में अमन-शांति की मांगी दुआएं इमाम की तकरीर के बाद लोगों ने सामूहिक रूप से ईद-उल-अजहा की दो रेकात वाजिब नमाज अदा की। नमाज खत्म होने पर सभी ईबादतगाहों में इमाम द्वारा तकबीर पढ़ा गया। तकबीर जैसे ही खत्म हुई नमाजियों की हाथ दुआ के लिए उठ गई। इमाम सहित तमाम नमाजियों ने सामूहिक रूप से अपने मूल्क की तरक्की व पूरी दुनिया में अमन-शांति कायम रखने की अल्लाह तआला से दुआएं मांगी। दुआ के बाद लोगों ने अपने सारे गिले-शिकवे मिटाकर एक-दूसरे के गले लग बकरीद की मुबारकबाद दी। यह सिलसिला देर रात तक चला।

सुरक्षा व्यवस्था

सुरक्षा को लेकर पुलिस के जवान थे मुस्तैद बकरीद के पर्व पर प्रशासनिक महकमा सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर काफी मुस्तैद व चौकन्ना था। पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके, इसके लिए नगर के साथ जिले के मुस्लिम बहुल गांवों, शहरों व कस्बों में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था किए गए थे। खासकर, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों व इबादतगाहों के पास पुलिस बल की विशेष तौर पर तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी तरह के हालात उत्पन्न होने पर समय रहते निपटा जा सके। जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से विधि-व्यवस्था की लगातार निगहबानी की जा रही थी। ---------------

धूमधाम से मनाया गया पर्व

नमाज अदा कर मांगी अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं बकरीद पूरे अनुमंडल इलाके में धूमधाम से मना बकरीद का त्योहार, एक-दूसरे को गले मिलकर दी मुबारकबाद नये-नये परिधान पहनकर और इत्र लगाकर मस्जिदों में पहुंचे ईदगाह व अन्य मस्जिदों पर पुलिस-प्रशासन की रही चौकसी फोटो संख्या- 01, कैप्सन- गुरुवार को डुमरांव के ईदगाह में नमाज अदा करते अकीदतमंद। डुमरांव, संवाद सूत्र। डुमरांव अनुमंडल इलाके में त्याग और बलिदान का पर्व ईद उल अजहा यानी बकरीद का त्योहार गुरुवार को आपसी सद्भाव के बीच धूमधाम से मनाया। शहर के मस्जिदों में हजारों अकीदतमंदों ने नमाज अदायगी के बाद अपने मुल्क में अमन, चैन, शांति और खुशहाली की दुआएं मांगी। उसके बाद एक-दूसरे से गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। सामूहिक रूप से बकरीद की नमाज अदा करने मुस्लिम परिवारों का सैलाब शहर के ईदगाह मस्जिद, जामा मस्जिद, बड़ी मस्जिद, शाही मस्जिद, मुख्य चौक मस्जिद, चौक रोड छोटी मस्जिद के अलावे नया भोजपुर व पुराना भोजपुर के विभिन्न मस्जिदों में उमड़ पड़ा तब नमाजियों ने अल्लाह ताला की बारगाह में हाथ उठाकर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। शहर के मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ बकरीद की नमाज पढ़ने बड़ी जमात में खड़ी थी। यहां मुस्लिम समाज के बीच उत्साह देखते ही बन रहा था। गुरुवार को बकरीद की नमाज अदा करने से पूर्व मुस्लिम भाई सुबह से ही नये-नये परिधान पहनकर और इत्र लगाकर मस्जिदों में जमा होना शुरू हो गये। नमाज के वक्त शहर के सभी मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। एसडीओ राकेश कुमार, डीएसपी पोलस्त कुमार, बीडीओ संदीप कुमार पांडेय, नप के कार्यपालक राहुलधर दुबे व थानाध्यक्ष संजय सिन्हा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी हर गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। कई पुलिस अधिकारी विभिन्न मस्जिदों पर तैनात किये गये थे। साथ ही पुलिस गश्ती के अलावा जगह-जगह अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गयी थी। वहीं अन्य समुदायों के लोगों ने आपसी भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए मुस्लिम भाइयों को बकरीद की शुभकामनाएं दी।

पकवानों का उत्सव

बकरीद पर खूब बने लजीज पकवान बकरीद पर्व के अवसर पर शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। घर-घर में लजीज पकवानों की खुशबू फैल गई। इस मौके पर खासतौर से बनाए गए सेवइयां, बिरयानी, कबाब, किमा और शीर खुरमा जैसे व्यंजनों ने पर्व की रौनक को और भी बढ़ा दिया। महिलाएं सुबह से ही रसोई में व्यस्त रहीं और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। बच्चों में शीर खुरमा को लेकर खासा उत्साह देखा गया। कई घरों में मेहमानों के स्वागत में खास पकवान परोसे गए। दावत में एकता और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। बकरीद सिर्फ कुर्बानी का नहीं बल्कि आपसी प्रेम और साझा संस्कृति का प्रतीक भी है, जो स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ मन को भी तृप्त कर देता है। पूरे दिन घरों में मिठास और पकवानों की महक बनी रही।

धार्मिक महत्व

त्याग और समर्पण का पर्व है बकरीद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बताया कि बकरीद हमें सिखाती है कि सच्चा धर्म वही है जिसमें त्याग, सच्चाई और इंसानियत की भावना हो। इस दिन मुसलमान कुर्बानी की रस्म निभाकर उस ऐतिहासिक घटना की याद करते हैं। जब पैगंबर इब्राहिम ने अल्लाह की आज्ञा पर अपने बेटे की कुर्बानी देने की तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि बकरीद केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि यह आत्म-त्याग, सच्चे इरादों और इंसानियत की शिक्षा देने वाला पर्व है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि अल्लाह पर विश्वास बनाए रखते हुए दूसरों की मदद करना और अपने स्वार्थ को त्यागना ही असली धर्म है। ------

चौसा में बकरीद

चौसा में धूमधाम के साथ मनाया गया ईद उल अजहा फोटो संख्या- 05, कैप्सन- गुरुवार को चौसा बाजार में जामा मस्जिद के पास सुरक्षा में तैनात सीओ निलेश कुमार व अन्य पुलिसकर्मी। चौसा। ईद उल अजहा (बकरीद) का पावन पर्व गुरुवार को स्थानीय नगर पंचायत सहित प्रखंड के अलग-अलग भागों में हर्ष और उल्लास के माहौल में मनाया गया। इस दौरान एक-दूसरे को गले लगा ईद की मुबारकबाद दी। ईद को लेकर मुस्लिम बहुल इलाके और सभी मस्जिदों में मजिस्ट्रेट के साथ पुलिसबल की तैनाती रही। लोगों ने व्यंजनों का जमकर लुत्फ भी उठाया। बकरीद को लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। मुस्लिम बहुल इलाके में गुरुवार को सुबह से शाम तक खूब चहल-पहल और रौनक बनी रही। -----------

नावानगर में कुर्बानी

नावानगर में नमाज के बाद बकरे की कुर्बानी नावानगर। कुर्बानी (समर्पण) का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार को क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई। नमाज के बाद बकरे की कुर्बानी का सिलसिला प्रारंभ हुआ। ईदगाहों एवं मस्जिदों में विशेष नमाज के लिए सुबह से नमाजियों की भीड़ जुटने लगी। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी। नावानगर के साथ भटौली, भदार, पड़रिया, बेलहरी व केसठ प्रखंड के रामपुर, केसठ व किरनी गांव के मस्जिदों में मौलानाओं द्वारा नमाज अदा कराई गई। -------

इटाढ़ी में पर्व

अकीदत के साथ मना बकरीद का पर्व इटाढ़ी। स्थानीय नगर पंचायत के साथ प्रखंड क्षेत्र के मुस्लिम बहुल गांवों में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज गुरुवार को अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी तथा क्षेत्र में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली की दुआएं मांगी। पर्व को लेकर पूरे प्रखंड में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। पर्व पर एक-दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला सुबह से देर रात तक चला। खासकर, मुस्लिम बहुल इलाकों में खास रौनक देखने को मिली। वहीं पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। प्रखंड क्षेत्र के मस्जिदों, चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में दंडाधिकारियों के साथ काफी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई थी।

सामान्य प्रश्न

बकरीद का पर्व कब मनाया गया?
बकरीद का पर्व गुरुवार को मनाया गया।
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