Buxar News: भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन हमारे लिए प्रेरणा

हिन्दुस्तान, बक्सर
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Buxar News: श्रीराम महोत्सव के पांचवें दिन पंडित मधुसूदन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन और माता अहिल्या के उद्धार की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि श्रीराम ने सब विद्याओं का अध्ययन किया और माता अहिल्या को शाप से मुक्त किया। श्रद्धालुओं ने भक्ति में झूमते हुए जय श्रीराम के उद्घोष किए।

Buxar News: भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन हमारे लिए प्रेरणा

Buxar News: पेज चार के लिए --------- कथा भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से माता अहिल्या को शाप से मुक्ति मिली श्रीराम ने गुरुकुल में रहकर समस्त विद्याओं का अध्ययन कर लिया था फोटो संख्या- 01, कैप्सन- शुक्रवार को रामपुर में राम कथा कहते मधुसुदन दास जी महाराज। नावानगर, एक संवाददाता। केसठ प्रखंड के रामपुर गांव में आयोजित साप्ताहिक श्रीराम महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को प्रसिद्ध कथावाचक पंडित मधुसूदन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के बाल्यकाल, गुरुकुल शिक्षा, महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन व माता अहिल्या उद्धार की कथा का भावपूर्ण व्याख्यान किया। कथा सुनने के लिए कथा पंडाल में श्रद्धालु श्रोताओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।

भगवान श्रीराम का जीवन

इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अल्प समय में ही गुरुकुल में रहकर समस्त विद्याओं का अध्ययन कर लिया था। भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न चारों भाइयों के बीच बचपन से ही अटूट प्रेम और स्नेह था। जिसे देखकर अयोध्या की प्रजा भाव-विभोर हो जाती थी। भगवान राम का जीवन हमारे लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने भगवान श्री राम के आदर्शो को अपने जीवन में अपनाने की सलाह दी।

महर्षि विश्वामित्र का आगमन

आगे कहा कि जब राक्षसों द्वारा महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ में बार-बार विघ्न डाला जाने लगा, तब महर्षि विश्वामित्र अयोध्या पहुंचे और राजा दशरथ से भगवान राम एवं लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का आग्रह किया। दोनों भाइयों ने ऋषि के साथ जाकर ताड़का समेत अन्य राक्षसों का संहार किया और यज्ञ व धर्म की रक्षा की। उन्होंने राम के जनकपुर जाते समय माता अहिल्या के उद्धार का प्रसंग भी भक्तों को सुनाया। कहा कि भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से माता अहिल्या को शाप से मुक्ति मिली। जो प्रभु की करुणा और कृपा का अद्भुत उदाहरण है। कथा के उपरांत भजन-कीर्तन से श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे। इस दौरान कथा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हक उठा था। इसके साथ ही भक्तिमय वातावरण बना रहा। (नावानगर से अरुण सिंह )

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसने भगवान श्रीराम की कथा सुनाई?
भगवान श्रीराम की कथा पंडित मधुसूदन जी महाराज ने सुनाई।
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