छह माह में बनना था बाल विज्ञान केंद्र, लेकिन दो वर्ष बाद भी कार्य नहीं हो सका पूरा

हिन्दुस्तान, बक्सर
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बाल विज्ञान केंद्र का जीर्णोद्धार कार्य विभिन्न विभागों के बीच विवाद के कारण रुका हुआ है। भवन निर्माण विभाग का दावा है कि 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन वन विभाग की दखलअंदाजी से शेष कार्य अटका हुआ है। इस परियोजना की लागत 1 करोड़ 30 लाख रुपये है।

छह माह में बनना था बाल विज्ञान केंद्र, लेकिन दो वर्ष बाद भी कार्य नहीं हो सका पूरा

01 करोड़ 30 लाख से बाल विज्ञान केंद्र को आधुनिक व तकनीकी भवन के रूप में संवारना का कार्य ठप 80 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा कर रहा भवन निर्माण विभाग, राशि आवंटित होते कार्य होगा पूरा बक्सर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शहर के स्टेशन रोड स्थित कमलदह पार्क परिसर में स्थित ‘बाल विज्ञान केंद्र’ का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य दो विभागों के खींचा-तानी के कारण विगत कई दिनों से अटका है।

कार्य की प्रगति

वर्ष 2024 में ही 04 मार्च से सौन्दर्यीकरण का कार्य शुरु हुआ था। छह माह में कार्य पूरा करने का लक्ष्य था। मगर आज करीब दो साल बीतने के बाद भी जिले के बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए बाल विज्ञान केंद्र का सपना अबतक अधूरा है। इधर, भवन निर्माण विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि उनके द्वारा सौन्दर्यीकरण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। लेकिन वन विभाग की दखलअंदाजी के वजह से शेष कार्य अबतक पूरा नहीं किया जा सका है। भवन प्रमंडल के सूत्रों का कहना है कि बाल विज्ञान केंद्र के सौन्दर्यीकरण को लेकर आर्किंटेक्ट डिजाइन और स्टीमेट बनाया गया है। उसी के आधार पर संबंधित एजेंसी कार्य करा रही है। अब जब लगभग कार्य पूर्ण होने को है तब वन विभाग रोड़े अटका रहा है। इसी वजह से कार्य बंद है। भवन निर्माण से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 01 करोड़ 30 लाख 65 हजार 774 रुपये की लागत से बाल विज्ञान केंद्र को आधुनिक व तकनीकी भवन के रूप में संवारना है। जबकि इसकी संशोधित तकनीकी स्वीकृत राशि 01 करोड़ 49 लाख 53 हजार 100 रुपये थी। इसके लिए ‘एलाइट बिजनेस ग्रुप’ एंजेंसी का चयन किया गया।

भवन की विशेषताएँ

आर्किटेक्ट डिजाइन के अनुसार, बाल विज्ञान केंद्र परिसर के प्रवेश द्वार को मनोरम व आकर्षक लुक देने के लिए ऊंची व खूबसूरत गेट का निर्माण कराया जाना है। वहीं गेट में प्रवेश करते ही भवन के समीप गार्ड रूम और टिकट काउंटर बनेगा। ऐसे में यहां आने वाले टिकट लेकर बाल विज्ञान केंद्र का लुफ्त उठा सकेंगे। यहां विद्यार्थी विज्ञान के रहस्यों को आसानी से समझ सकेंगे। कैफे काउंटर, एस्ट्रॉनोमी लैब व कैफे रूम होगा : प्रथम तल पर बुक कैफे लॉबी, कैफे काउंटर, एस्ट्रॉनोमी लैब, कैफे रूम है। खास बात यह है कि पार्क फेस की तरफ शीशे की बाउंड्री की जायेगी। ताकि कैफेटेरिया में बैठने वाले लोगों को पार्क की मनारेम दृश्य का आनंद मिल सकें। इसके अलावा दूसरे तल पर आधुनिक लाइब्रेरी है। जिसमें 50 विद्यार्थियों को एक साथ बैठने और अध्ययन करने की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि इस तल पर डिजिटल म्यूजियम और साइंस लॉबी बनेगा। डिजिटल स्क्रीन पर विज्ञान से संबंधित सद्धांतों को मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इस भवन में प्रत्येक कार्यों को 3-डी मोड में तैयार करना है।

भवन निर्माण की चुनौतियाँ

बताया कि कार्य योजना के अनुसार, बाल विज्ञान भवन ‘जी-प्लस टू’ होगा। इसके टॉप पर लगे वॉच टावर को बदलकर डिजिटल वॉच लगाया जायेगा। वहीं भू-तल पर 50 छात्रों को एक साथ बैठने की क्षमता का चाइल्ड एक्जीविशन बनाया जाना है। साथ ही इसके अलग-बगल गैलेरी रहेगी। जहां स्पेस, साइंस और शिक्षा से संबंधित विषयों व उनके सिद्धांतों को प्रोजेक्टर के माध्यम से वीडियो के रूप में विद्यार्थियों के बीच दिखेगा। भू-तल पर ही दो प्रदर्शनी रूम होंगे। जिसमें विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को मॉडल के रूप में विद्यार्थियों के बीच प्रदर्शित होगा। बताया कि एस्ट्रोनॉमी और स्पेस साइंस को डिजिटल पैनल के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। जो पटना के तारामंडल की तरह दिखेगा और विद्यार्थी विज्ञान की हर पहलुओं को डिजिटली समझ सकेंगे। बाल विज्ञान केंद्र से विद्यार्थियों के अंदर वर्तमान परिवेश में विज्ञान से संबंधित अपनी अभिरूचि के अनुरूप विज्ञान के तर्कसंगत सिद्धांतों को मॉडल के रूप में आत्मसात करने में सहायता प्राप्त होगी।

विभागीय स्पष्टीकरण

वन प्रमंडल बक्सर के रेंजर सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि बाल विज्ञान केंद्र भवन के सौन्दर्यीकरण कार्य से वन विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। क्योंकि उक्त भवन उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। कार्य बंद होने का कोई अन्य कारण हो सकता है। वहीं भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ई. रूपेश कुमार ने बताया कि वन विभाग के साथ समन्वय बनाने को लेकर कदम उठाया जाएगा। हालांकि संबंधित एजेंसी का भी भुगतान अटका है। जिसका आवंटन उपलब्ध कराने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। राशि का भुगतान होते ही कार्य शुरु होगा। (बक्सर से ज्ञानेन्द्र सोनी)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाल विज्ञान केंद्र का सौंदर्यीकरण कार्य क्यों रुका है?
बाल विज्ञान केंद्र का सौंदर्यीकरण कार्य विभिन्न विभागों के बीच विवाद के कारण रुका है।
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