Buxar News: शांति नगर मलिन बस्ती में अन्य वार्ड का लगा प्राक्कलन बोर्ड
Buxar News: शहर में नाली-गली पक्कीकरण के कार्य में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वार्ड 33 की मलिन बस्ती में 2.5 किलामीटर दूर वार्ड 17 का प्राक्कलन बोर्ड लगा है। वार्ड पार्षद संतोष कुमार उपाध्याय को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुख्य पार्षद कमरुन निशा ने जांच का आश्वासन दिया है।

Buxar News: पेज चार पर बॉटम -------- गड़बड़झाला नाली-गली पक्कीकरण का कार्य कराने के बाद लगभग 2.5 किलामीटर दूर स्थित वार्ड संख्या 17 से संबंधित योजना का प्राक्कलन बोर्ड चस्पा दिया अधिकांश जगहों पर विभागीय मानकों को ताक पर रखेंकर कराएं गए कार्य मलिन बस्ती में कराएं गए नाली-गली कार्य के बारे में पार्षद को जानकारी नहीं फोटो संख्या- 10, कैप्सन- शहर के वार्ड 33 स्थित शांति नगर इलाके की स्लम बस्ती जहां वार्ड 17 का लगा प्राक्कलन बोर्ड। बक्सर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। पिछले दो वर्ष के दौरान शहर में नली-गली पक्ककीरण का कार्य अंधाधुंध कराया गया। इनमें से अधिकांश जगहों पर विभागीय मानकों को ताक पर रखकर कार्य कराएं गए। इनमें से कई जगहों पर योजना का प्राक्कलन बोर्ड नहीं लगा। तो कहीं योजना के प्राक्कलन बोर्ड से लागत राशि ही गायब है। कई ऐसे भी इलाके है, जहां नाली-गली के निर्माण के बाद वहां लगे योजना के प्राक्कलन बोर्ड में दी गई जानकारी या तो गलत लिखी गई है या फिर शहर के किसी अन्य वार्ड की योजना का बोर्ड चस्पा दिया गया है। जो सीधे-सीधे नगर परिषद की कार्यशैली और नाली-गली निर्माण के कार्यों में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे है। इसका जीता-जागता उदाहरण शहर के वार्ड संख्या 33 अंतर्गत शांति नगर इलाके की मलिन बस्ती में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है। जहां नाली-गली पक्कीकरण का कार्य कराने के बाद यहां से लगभग 2.5 किलामीटर दूर स्थित वार्ड संख्या 17 से संबंधित योजना का प्राक्कलन बोर्ड चस्पा दिया गया है। जबकि यह इलाका वार्ड संख्या 33 में आता है। जब इस संबंध में वार्ड 33 के वार्ड पार्षद संतोष कुमार उपाध्याय से बात की गई। तब उन्होंने कहा कि इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। शांति नगर मलिन बस्ती में कराएं गए नाली-गली कार्य के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। बिना वार्ड पार्षद को अवगत कराएं ही उक्त स्थल पर पक्कीकरण और प्राक्कलन बोर्ड लगाने का कार्य करा दिया गया है। मौके पर मौजूद मलिन बस्ती के लोगों का कहना है कि लगभग आठ महीने पहले ही बस्ती में नाली-गली का निर्माण हुआ था। हालांकि सड़क व नाली बनने से यहां के स्थानीय लोग काफी उत्साहित थे। नाली-गली व अन्य योजना का कार्य धड़ल्ले से कराया वार्ड 32 के वार्ड पार्षद रंजीत श्रीवास्तव का भी कहना है कि उनके वार्ड में बिना उनकी जानकारी नाली-गली व अन्य योजना का कार्य धड़ल्ले से कराया गया है। इतना हीं निर्माण कार्य के प्राक्कलन बोर्ड में दी गई जानकारी भी गलत दर्ज की गई है। प्राक्कलन बोर्ड में जिस व्यक्ति के घर से जिस व्यक्ति के घर तक नाली-गली निर्माण का नाम दिया गया है। वहां उस नाम से कोई व्यक्ति है ही नहीं। वार्ड पार्षद होने के नाते वे हर व्यक्ति को पहचानते है।
क्या कहती है मुख्य पार्षद
मुख्य पार्षद कमरुन निशा का कहना है कि शांति नगर मलिन बस्ती में हुई नाली-गली योजना के बदले लगे दूसरे वार्ड के प्राक्कलन बोर्ड की जानकारी नहीं है। वहां संबंधित वार्ड का ही प्राक्कलन बोर्ड लगाया गया है। हो सकता है कि कोई परेशान करने के लिए कहीं और का प्राक्कलन बोर्ड वहां लगा दिया हो। बताया कि नप के जेई और एई भी वहां स्थल पर जा कर जांच कर चुके है। फिर भी अपने स्तर से जांच करा लेते है। वार्ड 32 के बारे में संबंधित वार्ड पार्षद ही अधिक बेहतर तरीके से बता सकते है। योजना की जांच के लिए अभियंता व अधिकारी है.


