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जिले के सरकारी स्कूलों के शौचालयों की साफ-सफाई में घालमेल

युवा के लिए ------------ गड़बड़झाला निरीक्षण में हाउसकिपिंग कर्मियों की उपस्थिति नहीं मिल रही है शोकॉज का जवाब 24 घंटे के अंदर कार्यालय को उपलब्ध कराएं बक्सर, हमारे संवाददाता। जिले के सरकारी स्कूलों...

जिले के सरकारी स्कूलों के शौचालयों की साफ-सफाई में घालमेल
हिन्दुस्तान टीम,बक्सरFri, 14 Jun 2024 08:45 PM
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युवा के लिए
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गड़बड़झाला

निरीक्षण में हाउसकिपिंग कर्मियों की उपस्थिति नहीं मिल रही है

शोकॉज का जवाब 24 घंटे के अंदर कार्यालय को उपलब्ध कराएं

बक्सर, हमारे संवाददाता। जिले के सरकारी स्कूलों के शौचालय की सफाई में घालमेल के खिलाफ डीपीओ सर्वशिक्षा अभियान ने कार्य एजेंसियों से शोकॉज किया है। डीपीओ शारीक अशरफ ने सफाई कार्य एजेंसी फस्ट आइडिया, जेकेएसबी, आरएस इंटरप्राईजेज व रूद्र सागर सेवा संस्थान को भेजे पत्र में कहा है कि आवंटित प्रखंड के शौचालय की साफ-सफाई सुचारू रूप से करने का आश्वासन दिया गया था। परंतु अब तक हाउस किपिंग कर्मियों और सुपरवाईजर का नाम व मोबाइल नंबर कार्यालय का उपलब्ध नहीं कराया गया है। जो घोर लापरवारही को दर्शाता है। सभी विद्यालयों में हेडमास्टर की ओर से उपस्थिति पंजी खोली गई है। जिसमें हाउसकिपिंग कर्मियों की उपस्थिति बनेगी। परंतु विद्यालय के निरीक्षण के क्रम में हाउसकिपिंग कर्मियों की उपस्थिति नहीं पायी जा रही है। इससे प्रतीत हो रहा है कि कार्य एजेंसी शौचालयों की सफाई में अभिरूचि नहीं ले रहे है। डीपीओ ने सभी कार्य एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा है कि सभी अपने हाउसकिपिंग कर्मियों व सुपरवाइजर का नाम व मोबाइल नंबर कार्यालय का उपलब्ध कराये। साथ ही शोकॉज का जवाब चौबीस घंटे के अंदर कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा कार्य एजेंसी को काली सूची में डाल दिया जाएगा। बता दें कि पूर्व में स्कूलों के शौचालय की सफाई नहीं हो पाती थी। अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इसका निदान करते हुए हर प्रखंड में कार्य एजेंसी को इसका कार्य सौंपा है। इसके एवज में निश्चित धनराशि का भुगतान किया जाता है। पूर्व में शौचालय की सफाई नहीं होने के कारण इसका प्रयोग करने से सभी हिचकिचाते थे। सबसे अधिक महिला शिक्षिका व छात्राओं को होती थी। इस बात को ध्यान में रखकर शौचालय की सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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