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शहर के कचरे को आबादी के बीच किया डंप, स्वास्थ्य पर असर

लगाई आग सफाई का टेंडर रद्द कर एनजीओ को पुनः दिया है अवधि विस्तार 35 वार्ड का है डुमरांव नगर परिषद, 42 लाख प्रतिमाह होता खर्च फ़ोटो संख्या 04 कैप्शन - डुमरांव के नहर रोड में कचरे में लगी आग से निकलता...

शहर के कचरे को आबादी के बीच किया डंप, स्वास्थ्य पर असर
हिन्दुस्तान टीम,बक्सरTue, 14 May 2024 09:00 PM
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लगाई आग
सफाई का टेंडर रद्द कर एनजीओ को पुनः दिया है अवधि विस्तार

35 वार्ड का है डुमरांव नगर परिषद, 42 लाख प्रतिमाह होता खर्च

फ़ोटो संख्या 04 कैप्शन - डुमरांव के नहर रोड में कचरे में लगी आग से निकलता धुंआ।

डुमरांव,हमारे प्रतिनिधि। शहर के नहर रोड स्थित कूड़े की डंपिंग लगाई गई आग से उठ रहे धुएं से शहर की आबोहवा दूषित होने लगी है। लोगों का दम घुटने लगा है। बता दें कि घरों से निकलने वाले कचरे को नहर रोड, काली मंदिर रोड और अब छठिया पोखरा पुल के समीप डंप किया जा रहा है। नहर रोड में कचरा के पहाड़ में आग लगने से रविवार को तेज धुंआ फैल रहा है। जो आबोहवा को दूषित कर रहा है। पूर्व वार्ड पार्षद हरिशंकर प्रसाद कहते है कि एनजीओ की मनमानी के कारण शहर के कई इलाके में गंदगी फैली हुई है। लोग परेशान है। लेकिन नगर परिषद और एनजीओ के सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। सफाई एनजीओ और नप प्रशासन की मिलीभगत का आलम यह है कि छह माह पहले हुए टेंडर को गुपचुप तरीके से रद्द कर पुराने सफाई एनजीओ को तीसरी बार अवधि विस्तार दे दिया गया। यह खेल कुछ खास लोगों को आर्थिक लाभ देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसे लेकर लोगों के बीच आक्रोश बढ़ने लगा है। डुमरांव नगर परिषद में कुल 35 वार्ड है। वार्ड संख्या 1 से 16 और 17 से 35 के बीच दो एनजीओ सफाई का कार्य करते है। सफाई पर प्रति माह लगभग 42 लाख की राशि खर्च होती है। एनजीओ का कार्यकाल पिछले अगस्त 23 में ही समाप्त हो चुका है। लेकिन नप प्रशासन की मेहरबानी के कारण एनजीओ को लागातार अवधि विस्तार देकर काम लिया जा रहा था। डोर टू डोर कचरा उठाव नहीं होने से शहर के कई इलाके में गंदगी पसरी हुई है। वार्ड पार्षदों को आश्वासन मिला था कि शीघ्र ही टेंडर के बाद सफाई की जिम्मेवारी एनजीओ को सौप दी जाएगी। लेकिन बात सिर्फ आश्वासन तक ही सिमटकर रह गई।

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