
भगवान श्रीकृष्ण ने बाल रूप में रची लीलाएं : ओझा
संक्षेप: बक्सर के चरित्रवन स्थित बुढ़वा शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। आचार्य रणधीर ओझा ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा और गोपियों की रासलीला का सुंदर चित्रण किया। कृष्ण का माखन चुराना और कालिया नाग का वध जैसी लीलाओं का वर्णन किया गया।
प्रवचन गोवर्धन पूजा व गोपियां रासलीला का सुंदर चित्रण किया मित्रों के साथ मिलकर माखन चुराकर खा जाते थे श्रीकृष्ण फोटो संख्या- 48, कैप्सन- शहर के चरित्रवन स्थित बुढ़वा शिव मंदिर परिसर में रविवार को प्रवचन सुनतीं महिलाएं। बक्सर, हमारे संवाददाता। शहर के चरित्रवन स्थित बुढ़वा शिव मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवें दिन भी आयोजन हुआ। आचार्य रणधीर ओझा ने श्री कृष्णबाल लीला, कालियामसन मर्दन गोवर्धन पूजा व गोपियां रासलीला का सुंदर चित्रण किया। कथा के दौरान कहा कि भगवान कृष्ण बचपन में अनेक लीलाएं की। अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया करते थे। उनके नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज उनकी शिकायत आती थी।

मां कहती थी की तुम रोज माखन चुरा कर खाया करते हो। तब, कन्हा अपना तुरंत अपना मुंह खोलकर दिखा दिया करते थे। और कहते थे कि की मईया मेरी मैं नहीं माखन खायो। जितना यशोदा मैया और नंदलाला उनके नटखट अंदाज से परेशान थे उतना ही वहां के गांव वाले भी। कृष्ण जी अपने मित्रों के साथ मिलकर गांव वालों का माखन चुराकर खा जाते थे। जिसके बाद गांव वाले उनकी शिकायत मैया यशोदा के पास लेकर पहुंच जाते थे, इस वजह से उन्हें अपनी मैया से डांट भी खानी पड़ती थी। आचार्य ने आगे कालिया नाग के बारे में बताया कि कालिया नाग का वध भगवान कृष्ण की प्रचलित बाल लीलाओं में से एक है एक बार श्रीकृष्ण अपने मित्रों के साथ यमुना नदी के किनारे गेंद से खेल रहे थे। अचानक गेंद यमुना नदी में चली गई और बाल गोपाल के सारे मित्रों ने मिलकर उन्हें नदी से गेंद लाने को भेज दिया। बाल गोपाल भी एकदम से कदंब के पेड़ पर चढ़कर यमुना में कूद गए वहां उन्हें कालिया नाग मिला। श्रीकृष्ण ने अपने भाई बलराम के साथ मिलकर जहरीले कालिया नाग का वध कर दिया।

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