पैगाम-ए-मोहब्बत के साथ अदा हुई बकरीद की नमाज
नगर सहित पूरे जिले में गुरूवार को उल्लास के साथ मना बकरीद का पर्व बक्सर, निज प्रतिनिधि। त्याग, बलिदान व समपर्ण का पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरूवार को पूरे जिले में उल्लास के साथ मनाया गया।

नगर सहित पूरे जिले में गुरूवार को उल्लास के साथ मना बकरीद का पर्व त्योहार को लेकर मुस्लिम बहुल गांवों और शहरों में रहा खुशी का माहौल गिले-शिकवे मिटाकर लोगों ने एक दूसरे को लगाया गले, दी मुबारकबाद इंफो: 05 बजे सुबह से ही तैयारियों में जुटे थे लोग 11 बजे रात तक मना बकरीद पर्व का जश्न फोटो संख्या- बक्सर, निज प्रतिनिधि।
त्याग, बलिदान व समपर्ण का पर्व
ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरूवार को पूरे जिले में उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर मुस्लिम बहुल गांवों, शहरों व कस्बों में खुशी का माहौल कायम था। अकीदतमंद अहले सुबह से ही पर्व की तैयारियों में जुट गए थे। अपने-अपने घरों की साफ-सफाई के साथ मुहल्ले की गलियों व सड़कों की भी सफाई वे उत्साह से करते दिखे। सफाई के बाद अकीदतमंद जहां कुर्बानी के बकरों को नहलवाने की रस्म अदायगी की। वहीं, घर की महिलाएं सेवईं सहित अन्य पकवान बनाने की तैयारियों में जुटी हुई थी।
इबादतगाहों में नमाज की तैयारी
शहर के विभिन्न इबादतगाहों के साथ जिले के डुमरांव, चौसा, नावानगर, राजपुर, सिमरी, इटाढ़ी, ब्रह्मपुर, चौंगाई, चक्की व केसठ प्रखंड में नमाज अदा करने के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किए गए थे। समय को ध्यान में रख लोग नहा-धोकर अपने नजदीक के ईबादतगाहों का रूख करने लगे। बकरीद की नमाज अदा करने के लिए इबादतगाहों में भारी तादात में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी थी। बाद में पहुंचने वाले लोगों को नमाज अदा करने में काफी परेशानी हुई। कई लोग जगह के अभाव में दरवाजे के बाहर ही खड़े होकर नमाज अदा किए।
ईद-उल-अजहा की अहमियत
नमाज से पूर्व नगर स्थित जामा मस्जिद के इमाम मौलाना शाहबाज अमजदी ने नमाजियों को ईद-उल-अजहा की अहमियत से रूबरू कराते हुए कहा कि बकरीद त्याग और बलिदान के साथ समाज में आपसी मेल-मिलाप व भाईचारे को बढ़ावा देने का पैगाम देता है। अकीदतमंद, इस रास्ते को अपनाकर ईब्राहीम अलहिस्सलाम की सुन्नत अदा कर सकते हैं।
दुआ और मुबारकबाद का सिलसिला
इनसेट- देश-दुनिया में अमन-शांति की मांगी दुआएं : इमाम की तकरीर के बाद लोगों ने सामूहिक रूप से ईद-उल-अजहा की दो रेकात वाजिब नमाज अदा की। नमाज खत्म होने पर सभी ईबादतगाहों में इमाम द्वारा तकबीर पढ़ा गया। तकबीर जैसे ही खत्म हुई नमाजियों की हाथ दुआ के लिए उठ गई। इमाम सहित तमाम नमाजियों ने सामूहिक रूप से अपने मूल्क की तरक्की व पूरी दुनिया में अमन-शांति कायम रखने की अल्लाह तआला से दुआएं मांगी। दुआ के बाद लोगों ने अपने सारे गिले-शिकवे मिटाकर एक-दूसरे के गले लग बकरीद की मुबारकबाद दी। यह सिलसिला देर रात तक चला।
सुरक्षा व्यवस्था
इनसेट- सुरक्षा को लेकर पुलिस के जवान थे मुस्तैद : बकरीद के पर्व पर प्रशासनिक महकमा सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर काफी मुस्तैद व चौकन्ना था। पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके, इसके लिए नगर के साथ जिले के मुस्लिम बहुल गांवों, शहरों व कस्बों में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था किए गए थे। खासकर, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों व इबादतगाहों के पास पुलिस बल की विशेष तौर पर तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी तरह के हालात उत्पन्न होने पर समय रहते निपटा जा सके। जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से विधि-व्यवस्था की लगातार निगहबानी की जा रही थी।
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