
बैंक ने दो जवानों के आश्रितों को दिया 3 करोड़ 70 लाख
पेज तीन पर फ्लायरपेज तीन पर फ्लायर ---------- सैलरी पैकेज डुमरांव के बीएमपी 4 में समारोह आयोजित कर बैक ने आश्रित को सौंपा चेक बीएमपी चार में कार्यरत दो जवानों की पिछले महीने दुर्घटना में हो गई थी मौत...
पेज तीन पर फ्लायर ---------- सैलरी पैकेज डुमरांव के बीएमपी 4 में समारोह आयोजित कर बैक ने आश्रित को सौंपा चेक बीएमपी चार में कार्यरत दो जवानों की पिछले महीने दुर्घटना में हो गई थी मौत फोटो संख्या- 11, कैप्सन- सोमवार को डुमरांव में मृत बीएमपी सिपाही के परिजन को चेक देते डीआईजी अजय पाण्डेय, जदयू नेत्री अंजुम आरा व बैंक ऑफ बड़ौदा के डीजीएम संजय तिवारी। डुमरांव,हमारे प्रतिनिधि। स्थानीय बीएमपी 4 में सोमवार को समारोह आयोजित कर दो मृत जवानों के आश्रितों को 3 करोड 70 लाख का चेक सौंपा गया। यह आयोजन बैंक ऑफ बड़ौदा की डुमरांव शाखा की ओर से किया गया।
समारोह की अध्यक्षता बैक ऑफ बड़ौदा के डुमरांव शाखा के प्रबंधक मो. इमरान अंसारी व संचालन शैलेंद्र श्रीवास्तव ने किया। समारोह का उदघाटन डीआईजी सह बीएमपी 4 के कमांडेंट अजय कुमार पांडेय ने किया। समारोह के मुख्य अतिथि बैंक अंचल कार्यालय पटना के डीजीएम (डिफेंस बैंकिंग ) दीपक कुमार, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय प्रबंधक गयाजी संजय कुमार तिवारी व राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष अंजुम आरा मौजूद थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार समारोह में पुलिस सैलरी पैकेज के तहत डुमरांव शाखा के दो खाताधारक देवेंद्र पासवान व कौशल किशोर प्रसाद की दुर्घटना में मौत हो गई थी। दोनों मृतक बीएमपी के जवान थे। उनकी सैलरी बैक ऑफ बडौदा के डुमरांव शाखा से मिलती थी। बैक अधिकारियों ने बताया कि सैलरी पैकेज के तहत बैक ने दोनों मृतक के आश्रितों को लाभ दिया है। मृतक के एक परिजन को 2 करोड़ और एक के आश्रित को एक करोड़ 70 लाख की राशि का चेक दिया गया। बिहार सरकार के सभी विभागों के साथ बैक ऑफ बडौदा का करार है। इस करार के तहत गृह विभाग के सक्रिय इनिशिएटिव के कारण बिहार पुलिस में सबसे ज्यादा और अच्छी तरह से यह योजना लागू हुई है। शेष विभागों में भी इसी तरह की इनिशिएटिव की आवश्यकता है। ताकि बिहार सरकार के कर्मियों के साथ यदि कोई घटना घटित हो जाती है, तो उनके आश्रितो को इसका लाभ मिल सके। बैक अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार के बीच हुए करार के तहत कर्मी चाहे नियोजित हो या नियमित हो। लेकिन, उनकी सैलरी का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में होना चाहिए। कर्मियों के बीमा प्रीमियम की राशि बैंक की ओर से दी जाती है। अतिथियों ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा की यह योजना सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि मानवीय संवेदना, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं संस्थागत प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस योजना से दिवंगत कर्मियों के परिवारों का भविष्य सुरक्षित रहता है। समारोह में बीएमपी के जवानों के साथ समाजिक लोग भी मौजूद थे।

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