सेक्स रैकेट नहीं शराब के धंधे में गई बंटी की जान, पटना पुलिस का बड़ा दावा; परिवार बोला- पुलिस नई कहानी गढ़ रही
पटना के न्यू करबिगहिया के रहने वाले बंटी यादव की मौत को लेकर अब पटना पुलिस ने बड़ा दावा कर दिया है। पटना पुलिस का दावा है कि बंटी की मौत सेक्स रैकेट के विरोध में नहीं बल्कि शराब के अवैध कारोबार में गई है।

न्यू करबिगहिया के बंटी कुमार उर्फ बंटी यादव की हत्या माामले में अब नया ट्विस्ट आ गया है। पटना पुलिस ने एक ऐसा दावा किया है जिसके बाद अब उसके परिजन पुलिस से ही सबूत मांग रहे हैं। दरअसल पटना पुलिस का दावा है कि बंटी की जान शराब तस्करी से होने वाली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद में की गई थी। हत्याकांड का मुख्य आरोपित रविश कुमार उर्फ बीसी और किन्नर मोनी पैसे के बंटवारे को लेकर बंटी से कई बार विवाद कर चुके थे। पुलिस का दावा है कि बंटी शराब के अवैध कारोबार से होने वाली कमाई में रविश और मोनी को हिस्सा नहीं देता था। इसे लेकर दोनों घटना से दो दिन पहले उसके घर पहुंचकर उसे धमकी भी दे चुके थे। पुलिस के अनुसार बंटी के अपहरण और हत्या की साजिश रविश और मोनी ने मिलकर रची थी। इसके लिए छह जुलाई की रात दूध मंडी में आठ लोगों को भेजकर पहले उसका अपहरण कराया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दो आरोपितों ने पूछताछ में इसका खुलासा किया है।
सिटी एसपी (मध्य) ममता कल्याणी ने बताया कि बंटी की मां किरण देवी के बयान पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि कंकड़बाग थाना क्षेत्र के चिरैयाटांड़ डेढ़ नंबर गली निवासी रविश कुमार उर्फ बीसी और उसकी सहयोगी किन्नर मोनी ने ही हत्या की साजिश रची थी। शराब तस्करी से मिले पैसे में हिस्सेदारी नहीं मिलने से दोनों बंटी से नाराज थे। इसी कारण छह जुलाई की रात 12:47 बजे जंक्शन स्थित दूध मंडी में शंकर कुमार, रौशन, रोहित, सोनू कुमार, किन्नर मोनी, सूरज, बजरंगी और रवि कुमार को भेजकर बंटी का अपहरण कराया गया। इसके बाद उसे ऑटो से बाइपास ले जाया गया और फिर बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन के किनारे ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई।
सिटी एसपी ने बताया कि मामले में सोमवार की रात कंकड़बाग के हनुमान नगर निवासी रौशन कुमार और शेखपुरा के अलापुर गांव निवासी अजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उनके पास से तीन मोबाइल भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि बंटी और रविश के बीच शराब तस्करी से होने वाली कमाई के बंटवारे को लेकर विवाद था।मुख्य आरोपित रविश और किन्नर मोनी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि उत्तर प्रदेश से पटना शराब मंगाई जाती थी और उसके बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होता था।
परिजनों से मिले सांसद-मंत्री
न्यू करबिगहिया स्थित बंटी के घर मंगलवार को सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पहुंचे। दोनों ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। कहा कि हत्याकांड की जांच जारी है और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। वहीं भाकपा माले के विप सदस्य शशि यादव, विधायक संदीप सौरभ, आदि ने भी परिजनों से मुलाकात कर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की।
परिजन बोले- पुलिस मामले को दे रही नया मोड़
बंटी की मां किरण देवी का कहना है कि बेटे की हत्या हो गई और अब पुलिस नई कहानी गढ़ रही है। उनका दावा है कि बंटी कभी शराब तस्करी में शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस का दावा सही है तो वह इसके सबूत पेश करे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उनका बेटा कभी शराब तस्करी के मामले में पकड़ा गया था? किरण देवी का आरोप है कि इलाके में सेक्स रैकेट चलता है, जिसका बंटी विरोध करता था। उनके अनुसार रविश और मोनी इसी धंधे से जुड़े हैं।


