लूडो खेलने के दौरान चली गोली और गई जान, बिहार के ऋषभ हत्याकांड में खुले कई राज
पूछताछ में पता चला है कि सौरभ, ऋषभ सहित उनके अन्य साथी भानू उर्फ संजीव कुमार साह के सुंदरपुर स्थित गोदाम में पहुंचे थे। वहां पर सभी लूडो खेलने लगे। उसी दौरान सौरभ ने अपनी कमर से पिस्टल निकाली और उसे कॉक करने लगा।

बिहार के भागलपुर जिले में पीरपैंती के रहने वाले जमीन कारोबारी ऋषभ झा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्याकांड में शामिल मृतक के दोस्त सौरभ सहित पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी प्रमोद कुमार ने बुधवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ऋषभ अपने दोस्त सौरभ सहित अन्य साथियों के साथ लूडो खेल रहा था। तभी सौरभ की पिस्टल से चली गोली उसे लगी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल और घटनास्थल के पास से खोखा के साथ ही तीन कारतूस और मोबाइल जब्त किया है। जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है उनमें पीरपैंती थाना क्षेत्र के सुंदरपुर के रहने वाले सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता, भानू कुमार उर्फ संजीव कुमार साह, प्रीतम कुमार, दीपक कुमार और राहुल रंजन उर्फ मोनू कुमार शामिल हैं।
हत्या के इरादे से गोली चली या धोखे से, हो रही है जांच
ऋषभ के पिता ने सौरभ पर बेटे की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस की पूछताछ में उसके अन्य साथियों ने भी यह बताया है कि सौरभ ने गोली मारकर ऋषभ की हत्या की। ऋषभ का पैसा सौरभ के यहां बकाया होने और वह पैसा उसके द्वारा वापस नहीं किए जाने पर विवाद को लेकर हत्या करने की बात सामने आई है। जबकि सौरभ से पूछताछ में बताया कि कॉक करने के दौरान धोखे से गोली चली। एसएसपी ने बताया कि पुलिस दोनों ही बिंदु पर जांच कर रही है।
कमर से पिस्टल निकाल कॉक करने के दौरान हुई फायरिंग
सोमवार की शाम सौरभ ही अपने दोस्त ऋषभ को साथ बुलाकर ले गया था। पूछताछ में पता चला है कि सौरभ, ऋषभ सहित उनके अन्य साथी भानू उर्फ संजीव कुमार साह के सुंदरपुर स्थित गोदाम में पहुंचे थे। वहां पर सभी लूडो खेलने लगे। उसी दौरान सौरभ ने अपनी कमर से पिस्टल निकाली और उसे कॉक करने लगा। उसी दौरान गोली चली और ऋषभ को लग गई। गोली लगने के बाद फंसने के डर से सौरभ ने झूठ बोलना शुरू कर दिया और झूठी कहानी ऋषभ के परिजनों को बताई।
पुलिस को भी घटना की सूचना नहीं दी। पास में एक क्लीनिक में ऋषभ को इलाज के लिए ले गए। वहां डॉक्टर ने जवाब दे दिया तो उसे मायागंज स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे जहां मंगलवार की सुबह डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की टीम एसपी सिटी की निगरानी में बनाई गई थी जिसका नेतृत्व कहलगांव एसडीपीओ कर रहे थे।


